जमुई : साप्ताहिक जांच के दूसरे दिन गुरुवार को अंचलाधिकारी चकाई गजही पंचायत के मरही वार्ड में नल-जल योजना की जांच की। यहां पर योजना के क्रियान्वयन में वार्ड क्रियान्वयन समिति के द्वारा भारी गड़बड़ी बरते जाने का मामला सामने आया। महज दो दर्जन घर तक पाइप बिछाया गया है। महीनों से उक्त नल-जल योजना में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। दरवाजे पर नल अब तक नहीं लगा है। वाटर टावर बनाकर पैसे की निकासी कर ली गई है और अब तक अभियंता द्वारा मापी पुस्तिका भी दर्ज नहीं करवाया गया है।

क्रियान्वयन समिति द्वारा पैसे की निकासी कर वारा-न्यारा कर लिया गया है और काम को अधूरा छोड़ दिया गया। पूर्व में भी ग्रामीणों ने इस बाबत आवेदन देकर जांच की मांग की थी। जांच दल का नेतृत्व कर रहे अंचलाधिकारी राकेश रंजन ने बताया कि यहां भारी अनियमितता पाई गई है। इस बाबत पदाधिकारियों को जांच रिपोर्ट भेजी जा रही है है इसके बाद दल ने दी है। गांव में जन वितरण प्रणाली विक्रेता दुकानदार सुदामा चौधरी के दुकान का निरीक्षण किया। इसी गांव में मनरेगा द्वारा लगाए गए फलदार वृक्षों का भी निरीक्षण किया गया। इस मौके पर पंचायत रोजगार सेवक प्रदीप कुमार समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।

अलीगंज प्रखंड के कैयार पंचायत के कैयार गांव में डीसीएलआर द्वारा नल-जल व अन्य योजनाओं की जांच किया गया। डीसीएलआर राज भारती ने बताया कि सरकार द्वारा गांव के विकास के लिए कई योजना चलाई जा रही है जिसमें सबसे महत्वाकांक्षी योजना लोगों के घरों तक पहुंच पानी नहीं पहुंचने की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गई। कैयार पंचायत के वार्ड एक में नल-जल योजना से घरों तक पानी नहीं पहुंचने की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि पेयजल की समस्याओं से ग्रामीण काफी परेशान हैं। पीएचईडी विभाग के अधिकारी व जिलाधिकारी को भी समस्या से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच के क्रम में गांव चल हेल्थ सेंटर बंद पाया गया। इसकी रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भी दी जाएगी।