Monday, December 6, 2021 at 4:05 AM

अखिलेश के साथ आए राजभर तो किन सीटों पर बदलेंगे समीकरण

भागीदारी संकल्प मोर्चा और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने यू-टर्न लेते हुए अगले विधानसभा चुनाव से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के संकेत दिए हैं  इसका औपचारिक ऐलान होना बाकी है। राजभर ने 27 अक्टूबर को मऊ में होने वाली महापंचायत के लिए भी अखिलेश को आमंत्रित किया। इसी दिन जनता के सामने सीटों का ऐलान किया जाएगा।दोनों नेताओं के बीच मुलाकात को जहां अखिलेश यादव ने शिष्टाचार भेंट बताया। वहीं राजभर ने ट्वीट किया, ‘अबकी बार, भाजपा साफ। समाजवादी पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी मिलकर आए साथ। दलितों, पिछड़ों अल्पसंख्यकों के साथ सभी वर्गों को धोखा देने वाली भाजपा सरकार के दिन हैं बचे चार। मा. पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा के सुप्रीमो आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी से शिष्टाचार मुलाकात की।’यह रैली वंचित पीड़ित शोषित समाज पार्टी की ओर से आयोजित की जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस गठबंधन से पूर्वांचल की दो दर्जन सीटों पर समीकरण बदल सकते हैं। 2017 में बीजेपी के साथ गठबंधन कर एसबीएसपी ने पूर्वांचल की 8 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे जिनमें से 4 में उसे जीत मिली थी। वहीं अन्य चार सीटों पर कड़ा मुकाबला हुआ था।

100 सीटों पर राजभर समाज का दबदबा
ओमप्रकाश राजभर मानते हैं कि पूर्वांचल की 100 सीटों पर राजभर समाज के लोग जीत हार तय करने की क्षमता रखते हैं। इसमें वाराणस की 5, आजमगढ़ की 10, जौनपुर की 9, देवरिया की 7, मऊ की चार और बलिया की 7 सीटें शामिल हैं। सपा की बात करें तो तीन ओबीसी दलों से पहले से उसे समर्थन हासिल है- आरएलडी, जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) और महान दल। सपा ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘वंचितों, शोषितों, पिछड़ों, दलितों, महिलाओं, किसानों, नौजवानों, हर कमजोर वर्ग की लड़ाई समाजवादी पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी मिलकर लड़ेंगे। सपा और सुभासपा आए साथ, यूपी में भाजपा साफ!’समाजवादी पार्टी के सूत्रों का दावा है कि एसबीएसपी के आने से पूर्वांचल की 150 सीटों पर फायदा हो सकता है खासकर वाराणसी, गोरखपुर, देवीपाटन और आजमगढ़ में। माना जा रहा है कि 27 अक्टूबर को सीटों के ऐलान के साथ गठबंधन का भी औपचारिक ऐलान हो सकता है। राजभर ने स्पष्ट किया कि एसपी से यह गठबंधन सुभासपा का नहीं, भागीदारी संकल्प मोर्चे का है। वहीं ओवैसी के सवाल पर कहा, ‘मोर्चे के सभी दलों की सहमति से ही उनकी अखिलेश यादव के साथ मीटिंग हुई है।’ इससे पहले 16 अक्टूबर को ही राजभर ने लखनऊ में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी से गठबंधन के संकेत दिए थे।