चिड़ियाघर में कोरोना प्रोटोकॉल की अनदेखी खतरे का संकेत

लखनऊ 5 अक्टूबर। राजधानी में नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में अब दर्शकों की सख्या बढ़ने लगी है, पर दर्शकों द्वारा मास्क का न लगाना खतरे का संकेत देता लग रहा है। हलाकि जू में दर्शकों की अधिक भीड़ जू प्रशासन के आमदनी की अच्छी वजह है। इससे आमदनी का स्तर तो बढ़ता नजर आ रहा है लेकिन कोरोना का संकेत बढ़ता दिख रहा है। इस तरह से चिड़ियाघर में लोगों द्वारा बिना मस्क के ग्रुप में घूमना खतरे से खाली नहीं है। सरकार एक ओर कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी के रोकथाम के लिए जनता में पैसे पानी की तरह खर्च कर रहे हैं पर लोगों को इसकी कोई परवाह नहीं हो रही । देखा जाये तो कोरोना की तीसरी लहर आने के संकेत तो पहले से ही सरकार को मिल चुके हैं। जिसके लिये सरकार ने कोरोना को रोकने क ा हर संभव प्रयत्न किया है। वैक्सीनेशन और कोविड 19 जांच के लिये पूरा जोर लगये हुये है ताकि प्रदेश कोरोना मुक्त हो , और तीसरी लहर के प्रकोप को रोका जा सके, पर चिड़ियाघर के लापरवाह दर्शको की भीड़ देख कर तो नहीं लग रहा कि देश जल्द से जल्द कोरोना मुक्त होगा। बता दें कि बुधवार को दर्शकों की भीड़ काफी देखने को मिली। यहां पर ज्यादातर दर्शक बिना मस्क इधर-उधर घूमते दिखे गये। चिड़ियाघर के निदेशक आरके सिंह ने बताया कि कोरोना काल के चलते हमने जो भी एडवाइजरी नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में दर्शको के लिए तैय किया थे। उनका आज भी कड़ाई से पालन किया जाता है। दोनों गेटों पर सेनेटाइजर से हाथ धुलने का इंतजाम करवाया गया है। जू परिसर में लगभग 10 स्थानों पर इनका इंतजाम है। टिकट विंडो पर भी इसका इंतजाम है।
दोनों ही गेटों पर टिकट चेकिंग में कार्यरत कर्मचारियों को मास्क, ग्लव्स के अलावा एडवाइजरी के बोर्ड लगाए गए हैं।
इसके अलावा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जू प्रशासन ने दर्शकों से अनुरोध भी किया है कि अगर किसी को जुकाम, खांसी, बुखार है तो वे जू आने से बचें। लोगो को मास्क लगाने के लिये जोर देते हैं।

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