Main

Today's Paper

Today's Paper

Tarunmitra Banner

अमेरिकी बिध्वसंसक विमान के दक्षिणी चीन सागर में एंट्री से चीन  हुआ आग बबूला 

ताइपे :ताइवान की खाड़ी से अमेरिकी विध्वंसक जहाज के गुजरने से चीन गुस्से में है। उसने अमेरिका के इस कदम का गुरुवार को पुरजोर विरोध किया। ड्रैगन ने कहा कि उसके इस कदम से क्षेत्र में अशांति और खतरा उत्पन्न हो सकता है। दोनों देशों के इस क्षेत्र में अपनी नौसैन्य गतिविधि बढ़ाने के बीच यह ताजा कदम है। चीनी सेना की पूर्वी थिएटर कमान के प्रवक्ता झांग चुनहुई ने एक बयान में कहा कि चीन ने बुधवार को यूएसएस जॉन एस मैक्केन पोत को उसके मार्ग से गुजरते देखा। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों ने उसका पीछा किया और उसकी निगरानी भी की। अमेरिका का यह कदम ताइवान की सरकार को गलत संकेत भेजता है और वह ताइवान की खाड़ी में शांति तथा स्थिरता को खतरे में डालकर क्षेत्रीय स्थिति को जानबूझकर बाधित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि चीन इस कदम का कड़ा विरोध करता है और चीनी सेना सख्त एहतियाती कदमों और सतर्कता से इसका जवाब देगी।
वहीं, अमेरिकी नौसेना ने कहा कि मैक्केन अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के जरिये सात अप्रैल को ताइवान की खाड़ी से आम दिनों की तरह गुजरा। इस संबंध में अमेरिका ने एक बयान जारी किया था। उसने इसमें कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जहाज यहां से गुजरा। 

इस बीच, अमेरिकी नौसेना ने यह घोषणा की कि शनिवार को उसके विमान वाहक पोत थियोडोर रूजवेल्ट और उसके स्ट्राइक समूह ने इस वर्ष दूसरी बार दक्षिण चीन सागर (एससीएस) में प्रवेश किया। उन्होंने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग कानून के तहत सामान्य ऑपरेशन था। उधर, चीन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा ठोकता है और इस क्षेत्र में प्रवेश करने पर किसी भी विदेशी जहाज और पोत का विरोध करता है।
चीन की सैन्य क्षमताओं में भारी सुधार और ताइवान के आसपास उसकी बढ़ती गतिविधि ने अमेरिका को चिंतित कर दिया है। बुधवार को एक नियमित ब्रीफिंग में अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने दोहराया कि ताइवान के लिए हमारी प्रतिबद्धता चट्टान की तरह है। उन्होंने कहा कि हम सोचते और जानते हैं कि यह ताइवान की खाड़ी और क्षेत्र के भीतर शांति और स्थिरता के रखरखाव में योगदान देता है। प्राइड ने कहा कि अमेरिका ताइवान के लोगों की सुरक्षा या सामाजिक या आर्थिक व्यवस्था को खतरे में डालने वाले किसी भी प्रकार के बल या जबरदस्ती का विरोध करने की क्षमता रखता है।

ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने कहा कि अगर चीन हमला करता है तो उनका देश आखिरी दिन तक अपनी रक्षा करेगा। वू ने एक तरफ चीन की सुलह की कोशिशों और दूसरी तरफ सैन्य धमकियां देने पर बुधवार को कहा कि वे इस द्वीप के निवासियों को मिलाजुला संकेत भेज रहे हैं। वू ने कहा कि सोमवार को ताइवान के वायु रक्षा क्षेत्र में चीन के 10 युद्धक विमान उड़े और उसने ताइवान के समीप अभ्यासों के लिए एक विमान को तैनात किया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, हम बिना किसी सवाल के अपनी रक्षा करेंगे। 

Share this story