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अंतरराष्ट्रीय न्याय के फैसले के आगे झुका पाकिस्तान, कुलभूषण जाधव को दी अपील की इजाजत

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इस्लामाबाद. पाकिस्तानी संसद ने कूलभूषण जाधव के मामले बड़ा फैसला लिया है. पड़ोसी देश ने कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान द्वारा दी गई सजा के खिलाफ किसी भी हाईकोर्ट में अपील करने की इजाजत दे दी है. दरअसल पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले (समीक्षा और पुर्नविचार) अध्यादेश 2020 को स्वीकृति दी है. 
बता दें कि मई महीने की शुरुआत में कुलभूषण जाधव की मौत की सजा के मामले की सुनवाई कर रही पाकिस्तान की एक शीर्ष अदालत ने भारत से मामले में कानूनी कार्यवाही में सहयोग करने के लिए कहा था. साथ ही कहा था कि अदालत में पेश होने का मतलब संप्रभुत्ता में छूट नहीं है. इस्लामाबाद उच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने बुधवार को पाकिस्तान के कानून एवं न्याय मंत्रालय की याचिका पर सुनवाई शुरू की, जिसमें जाधव के लिए वकील नियुक्त करने की मांग की गई है.
 अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद खान ने पीठ को बताया था कि अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) के फैसले का पालन करने के लिए पाकिस्तान ने पिछले साल सीजे (समीक्षा एवं पुनर्विचार) अध्यादेश 2020 लागू किया, ताकि जाधव वैधानिक उपाय पा सकें.
उन्होंने कहा कि भारत सरकार जानबूझ कर अदालत की सुनवाई में शामिल नहीं हुई और पाकिस्तान की एक अदालत के समक्ष मुकदमे पर आपत्ति जता रही है और उसने आईएचसी की सुनवाई के लिए वकील नियुक्त करने से भी इनकार करते हुए कहा कि यह ‘‘संप्रभु अधिकारों का आत्मसमर्पण करने के समान है.’’
मामले की सुनवाई को 15 जून तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. गौरतलब है कि पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव को अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी.

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