Main

Today's Paper

Today's Paper

धरती पर लौटा स्पेसएक्स कैप्सूल

धरती पर लौटा स्पेसएक्स कैप्सूल

वॉशिंगटन। स्पेसएक्स का कैप्सूल चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र से धरती पर पहुंच गया है। यह रविवार को रात के अंधेरे में फ्लोरिडा में मेक्सिको की खाड़ी में उतरा। पनामा शहर के पास अंतरिक्ष यात्रियों ने इतिहास रचते हुए अंतरिक्ष यान की लैंडिंग की। इससे पहले साल 1968 में नासा के अपोलो-8 यान ने अंधेरे में लैंडिंग की थी।

तब तीन अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की कक्षा की परिक्रमा कर वापस आए थे। नवम्बर 2020 में तीन अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और एक जापानी अंतरिक्ष यात्री को रेसिलियंस यान के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में भेजा गया था। इनमें नासा के माइक हॉपकिंस, विक्टर ग्लोवर, शैनन वॉल्कर और जापान की सोइची नागूची शामिल हैं।

ये चारों 167 दिनों का मिशन पूरा कर वापस आए थे। लैंडिंग के आधे घंटे से कम समय में कैप्सूल को एक रिकवरी शिप पर पानी से बाहर निकाला लिया गया था। इसके कुछ ही समय बाद स्पेसएक्स कर्मियों ने रेजिलिएंस यान के साइड हैच को खोलने के लिए तैयार किया। सबसे पहले माइक हॉपकिंस बाहर निकले और बताया कि ये बहुत शानदार रहा।

आप सब मिलकर दुनिया बदल रहे हैं। उनके बाद बाकी सदस्य बाहर आए। नासा की चीफ फ्लाइट डायरेक्टर होली राइडिंग्स ने बताया कि चारों क्रू सदस्य पूरी तरह स्वस्थ हैं और बेहतर महसूस कर रहे हैं। मेडिकल जांच के बाद वे अपने परिवार और दोस्तों से मिलेंगे। उल्लेखनीय है कि नासा के मर्करी, जेमिनी और अपोलो साल 1960-70 में समुद्र में उतरे थे।

इसके बाद जमीन पर आए। साल 2020 में स्पेस एक्स ने फिर से पानी में लैडिंग शरू की। सोवियत के सभी यान भी धरती पर उतरे थे। रूस के सोयूज और चीन के शेनझोऊ ने भी जमीन पर लैंड किया था। इसके अलावा स्पेसएक्स की भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए निजी स्पेसफ्लाइट मिशन लांच करने की योजना है। इस साल लांच होने वाली पहली स्पेसफ्लाइट को इंस्पिरेशन 4 नाम दिया गया है। 



 

Share this story