Main

Today's Paper

Today's Paper

मेहमान रूसी विदेश मंत्री ने खुद पकड़ा छाता, मेज़बान क़ुरैशी ने अर्दली से पकड़वाया

नई दिल्ली। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव दो दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे। वह द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ अफगानिस्तान की स्थिति पर देश के शीर्ष नेतृत्व और सेना प्रमुख के साथ महत्वपूर्ण बातचीत करेंगे। उनका स्वागत करने के लिए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी खुद हवाई अड्डे पर पहुंचे थे। इस बीच मेहमान विदेश मंत्री के स्वागत में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने एक चूक कर दी। 

इसको लेकर उनकी जमकर किरकिरी हो रही है। इस्लामाबाद पहुंचने पर हवाई अड्डे से बाहर निकलते समय रूस के विदेश मंत्री धूप से बचने के लिए अपना छाता खुद पकड़े रहे, जबकि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपना छाता अर्दली को दे दिया। उनकी इस हरकत देश में उनकी आलोचना हो रही है।सर्गेई लावरोव 2012 के बाद से पाकिस्तान की यात्रा करने वाले पहले रूसी विदेश मंत्री हैं। 

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपने रूसी समकक्ष का स्वागत करने के बाद ट्वीट किया, “पाकिस्तान और रूस एक बहुआयामी संबंध साझा करते हैं और हम लावरोव की यात्रा का स्वागत करते हैं जो कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के अनुरूप है।” पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि विभिन्न बातचीत के दौरान पाकिस्तान-रूस के संबंधों के सभी आयामों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें विशेष रूप से रक्षा एवं प्रतिरक्षा, ऊर्जा, आतंकवाद-निरोध, अफगान शांति प्रक्रिया, अर्थव्यवस्था और व्यापार का क्षेत्र शामिल है।

इससे पहले कुरैशी ने कहा था कि लावरोव की यात्रा नौ साल में किसी रूसी विदेश मंत्री द्वारा की जाने वाली देश की पहली यात्रा होगी और वह उनका स्वागत करने के लिए व्यक्तिगत रूप से हवाई अड्डे जाएंगे। लावरोव ने 2012 में इस्लामाबाद का दौरा किया था। कुरैशी ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘इसमें कोई दो राय नहीं है कि रूस इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देश है …पाकिस्तान की उनकी यात्रा से पता चलता है कि हमारे द्विपक्षीय संबंध एक नया मोड़ ले रहे हैं।” उन्होंने कहा कि दोनों देश उत्तर दक्षिण गैस पाइपलाइन परियोजना को आगे बढ़ाना चाहते हैं, जो काफी समय से चर्चा में है। उन्होंने कहा कि कराची में पाकिस्तान स्टील मिल रूसी मदद से स्थापित की गई थी और उसे मौजूदा वित्तीय संकट से बाहर निकालने का एक मौका है।

कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान और रूस अफगान शांति प्रक्रिया में भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का दौरा करने के बाद लावरोव पाकिस्तान आ रहे हैं जिसके साथ रूस के ऐतिहासिक संबंध हैं। उन्होंने कहा, “यह भारत को अफगानिस्तान में शांति के लिए एक सकारात्मक भूमिका 

निभाने के वास्ते प्रेरित कर सकता है।” कुरैशी ने कहा कि वह रूस के विदेश मंत्री के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे, जो बाद में प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से मुलाकात करेंगे।रूसी विदेश मंत्री की यह दुर्लभ यात्रा पाकिस्तान और रूस के बीच नियमित उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान का हिस्सा है। लावरोव सोमवार की शाम लगभग 19 घंटे की यात्रा पर नयी दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय संबंधों और वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की तैयारियों के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक बातचीत की।

Share this story