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एक्सरसाइज एक फायदे अनेक

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फिटनेस के लिए जिम जाना ही जरूरी नहीं है, घर में भी पिलेटीज के नियमित अभ्यास से शरीर शेप में आ सकता है। जानें, पिलेटीज से होने वाले फायदों के बारे में। फ्लैट टमी और आकर्षक फिगर की चाह तो सबको होती है। इससे न सिर्फ व्यक्तित्व में निखार आता है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ जाता है। फिट फिगर के लिए जरूरत है मांसपेशियों को स्ट्रॉन्ग बनाने की और पिलेटीज मांसपेशियों को मजबूत बनाकर सांस की प्रक्रिया को दुरुस्त करता है। यह एक तरह की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज है। 

स्टेप 1 एक्सरसाइज बॉल के जरिये टमी कम करने में मदद मिलती है। अपने बायीं ओर एक्सरसाइज बॉल रखें। अब बाएं पैर को सामने की ओर मोडें। ध्यान रखें कि दायां पैर पीछे की ओर होना चाहिए। अब बाएं हाथ पर बॉल रखें। कोहनियों को थोडा मोडें। अपने दाएं हाथ को सामने लाएं। बॉल को एक हाथ से दूसरे हाथ में ले जाएं। 2-4 सेकंड रुकें और फिर उसी अवस्था में आ जाएं। 

स्टेप 2 पीठ के बल लेट जाएं। दोनों हाथ साइड में रखें लेकिन हथेलियों को जमीन से टिकाएं। धीरे-धीरे पैर उठाएं और पंजों को सिर के ऊपर लाने की कोशिश करें। कंधों को आराम दें और पैरों को फिर से सीधा कर लें। 

स्टेप 3 पेट के बल सीधे लेट जाएं। अब अपने पैरों को थोडा फैलाएं। बॉल को सीने से दबाएं और हाथों को जमीन पर टिकाएं। इसके बाद धीरे-धीरे आगे की ओर बढना शुरू करें। ध्यान रखें कि हथेली जमीन से टिकी रहनी चाहिए। ऐसा 5-7 मिनट तक करें। थोडी देर रुकें और वापस उसी स्थिति में आ जाएं। 

ये हैं फायदे...

मांसपेशियां बनेंगी स्ट्रॉन्ग: इससे शरीर के जोड और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। रीढ की हड्डी के लिए तो यह बहुत जरूरी है लेकिन स्पाइन में कोई समस्या हो तो बिना डॉक्टर की सलाह के ये व्यायाम न करें। 

कमर दर्द में भी लाभकारी: पिलेटीज के जरिये हाथ-पैरों को स्ट्रेच करके कमर दर्द से छुटकारा मिल सकता है। स्ट्रेचिंग से आप कमर और हिप्स की मांसपेशियों को स्ट्रॉन्ग बना सकते हैं। 

थकान होगी दूर: दिन भर चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए पिलेटीज को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें। इससे थकान दूर होती है और ऊर्जा स्तर मेंटेन रहता है। 

सूजन होगी गायब: पैरों में मूवमेंट होने से शरीर में रक्त संचार बढता है। इससे शरीर में सूजन या ऐंठन से राहत मिलती है। 

प्रेग्नेंसी में कारगर: इससे शरीर सुडौल बना रहता है, साथ ही लचीलापन व संतुलन बरकरार रहता है। स्त्रियां गर्भधारण से पूर्व या बाद में इसे आसानी से कर सकती हैं। इससे पेट, पीठ और पेडू की मांसपेशियां स्वस्थ रहती हैं।

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