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 केसर वाला दूध और पान सुहागरात में क्यों?

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कई बार हम सिर्फ परंपराओं को यूं ही मनाते रहते हैं और उनका मतलब नहीं पता होता। हालांकि इन परंपराओं के पीछे कोई न कोई रोचक वजह जरूर होती है। ऐसी ही एक प्रथा है सुहागरात पर दूध पीने और पान खाने की। यहां जानते हैं इसके पीछे क्या कारण बताए जाते हैं।
हिंदू परिवारों में सुहागरात पर केसर वाला दूध पीने के साथ पान खाने का रिवाज भी होता है। ज्यादातर लोग पान को माउथ फ्रेशनर समझते हैं लेकिन इसके पीछे एक वैज्ञानिक वजह भी होती है।

पान के पत्ते के वैसे तो कई फायदे बताए जाते हैं। सुहागरात में इसे खास मकसद से दिया जाता है। इसमें सौंफ, लौंग, इलाचयी और गुलकंद जैसी चीजें डाली जाती हैं इसलिए यह माउथफ्रेशनर तो होता ही है, यह भी माना जाता है कि इसमें ऐसे गुण होते हैं जो सेक्स ड्राइव को बढ़ाते हैं।

सुहागरात में क्यों दिया जाता है केसर वाला दूध और पान, कम लोग जानते हैं ये फायदे
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वहीं रिपोर्ट्स की मानें तो केसर, शहद, हल्दी, काली मिर्च वाले दूध का जिक्र कामसूत्र में भी है। माना जाता है कि ये शरीर का स्टैमिना और लिबिडो बढ़ाते हैं।
आयुर्वेद के मुताबिक से दूध रिप्रोडक्टिव टिश्यूज को एनर्जी देता है। बादाम, दूध और केसर हैपी हॉरमोन रिलीज कम करके स्ट्रेस कम करते हैं।

वैसे भी शादी के रीति-रिवाज बाद दूल्हा, दुलहन काफी थके होते हैं। ऐसे में केसर, बादाम वाला दूध उनको एनर्जी देता है। यह दूध प्रोटीन से भरपूर होता है। सेक्शुअल हॉरमोन्स टेस्टोस्टेरॉन और स्ट्रोजन के बनने में प्रोटीन का बड़ा रोल होता है।
केसर को एफ्रोडीजिआक (लिबिडो बढ़ाने वाला) होने के साथ स्ट्रेस कम करने के लिए भी जाना जाता है। वहीं माना जाता है कि गुलकंद के साथ पान का पत्ता भी एनर्जी देता है। हालांकि सुपारी के साथ ये नुकसान पहुंचा सकता है।


 

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