एक महीने पहले किस्मत ने दे दिया था धोखा

साइप्रस में चल रही इंटरनेशनल एथलेटिक्स मीट में 100 मीटर बाधा दौड़ में 13.23 सेकंड के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 20 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। इसके साथ ही ज्योति याराजी ने महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ का स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया। साइप्रस इंटरनेशनल मीट विश्व एथलेटिक्स उपमहाद्वीपीय टूर चैलेंजर वर्ग डी का टूर्नामेंट है।

खास यह है कि ज्योति याराजी को एक महीने पहले किस्मत का साथ नहीं मिला था। तब उन्होंने 13.09 सेकंड का समय निकाला था, लेकिन उनके रिकॉर्ड को अमान्य कर दिया गया था। तब दलील दी गई थी कि उन्हें हवा से वैध सीमा से अधिक मदद मिली थी। इस कारण उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाला प्रदर्शन मान्य नहीं किया गया था। बता दें कि आंध्र प्रदेश की ज्योति याराजी से पहले यह रिकॉर्ड अनुराधा बिस्वाल के नाम था। उन्होंने 2002 में 13.38 सेकंड के साथ 100 मीटर की बाधा दौड़ पूरी की थी।

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित रिलायंस फाउंडेशन ओडिशा एथलेटिक्स हाई परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास करने वाली ज्योति याराजी ने पिछले महीने कोझिकोड में फेडरेशन कप में 13.09 सेकंड का समय निकाला था, लेकिन हवा की गति प्लस 2.1 मीटर प्रति सेकंड होने से उसे अमान्य करार दिया गया क्योंकि वैध सीमा प्लस 2.0 मीटर प्रति सेकंड है।

ज्योति याराजी ने 2020 में अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी 13.03 सेकंड का समय निकाला था, लेकिन उसे भी अमान्य करार दिया गया था, क्योंकि तब राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी ने टूर्नामेंट में उनकी जांच नहीं की थी। इसके अलावा भारतीय एथलेटिक्स महासंघ का कोई तकनीकी प्रतिनिधि भी वहां मौजूद नहीं था।

See also  चोट से उबरकर टीम में लौटे टोरेस