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उद्धव ठाकरे के करीबी सलाहकार जांच के घेरे में

Uddhav Thackeray
आयकर विभाग ने पुणे के एक बिल्डर को कारण बताओ नोटिस भेजा है जिसने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पूर्व प्रमुख सलाहकार अजय मेहता को कथित बेनामी लेन देन के जरिये पिछले साल अक्तूबर में 5.33 करोड़ रुपये में एक फ्लैट बेचा था।
यह फ्लैट शहर के नरीमन पॉइंट इलाके में है।
महारेरा (महाराष्ट्र रियल एस्टेट विनियमन प्राधिकरण) के अध्यक्ष मेहता ने पुणे की अनामित्रा प्रॉपर्टीज से यह फ्लैट खरीदा था। आयकर विभाग के मुताबिक अनामित्रा प्रॉपर्टीज कथित रूप से एक मुखौटा कंपनी है जो कोई भी कारोबार नहीं करती।
आयकर विभाग ने गत सात जुलाई को अनामित्रा को नोटिस भेजा था। दस्तावेजों के मुताबिक इस कंपनी ने अक्तूबर, 2020 में मेहता को 5.33 करोड़ रुपए में मुंबई के नरीमन पॉइंट सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के समता कोओपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में स्थित फ्लैट बेचा था।
बेनामी संपत्ति लेनदेन रोधक अधिनियम, 1988 के तहत नोटिस जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि लेन-देन जिसके बाद अनामित्रा ने मई, 2009 में चार करोड़ रुपये में बी5, समता कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में फ्लैट का अधिग्रहण किया, एक 'बेनामी' सौदा था। क्योंकि दो सूचीबद्ध शेयरधारक शहर के पश्चिमी उपनगरों में झुग्गी बस्तियों में रहने वाले 'निम्न साधनों के लोग' हैं।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि अनामित्रा के 'मालिकों' ने भी फ्लैट के संबंध में 'शपथ के तहत स्वामित्व की जानकारी से इनकार किया है।' अनामित्रा से 15 दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
मेहता के खिलाफ कर विभाग का आरोप है कि फ्लैट का स्वामित्व मुखौटा कंपनी के पास था जिसे 'केवल बेनामी संपत्ति रखने के उद्देश्य से बनाया गया था।'
टिप्पणी के लिए मेहता से संपर्क नहीं हो सका।
1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी मेहता, जुलाई 2020 से, फरवरी 2021 में महारेरा का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने तक ठाकरे के प्रमुख सलाहकार थे। उन्होंने मई, 2019 से जून 2020 तक मुख्य सचिव के रूप में भी काम किया था, और 2015 से 2019 तक बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आयुक्त भी थे।

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