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जासूसी की खबरों के बीच आज से संसद का मानसून सत्र

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सफाई देते हुए कहा है कि विशिष्ट लोगों पर सरकार द्वारा निगरानी रखे जाने की खबरों का कोई पुख्ता आधार नहीं हैं। संचार एवं सूचना प्रद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है और भारत सरकार सभी नागरिकों को मौलिक अधिकार के रूप में निजता के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लेकिन फिलहाल यह मामला शांत होता नहीं दिख रहा हैं। मानसून सत्र के ठीक पहले पेगासस स्पाईवेयर के जरिये भारत की करीब 40 हस्तियों के फोन हैकिंग का खुलासा एक रिपोर्ट से हुआ है। राज्य सभा में पेगासस मामले में चर्चा की मांग करते हुए सीपीआई ने पहले ही नोटिस दे दिया हैं।

मानसून सत्र में कांग्रेस भी मोदी सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों और कोरोना की दूसरी लहर के दौरान सरकार की लापरवाही कांग्रेस के एजेंडे में शामिल हैं। इसके अलवा टीकाकरण की धीमी रफ्तार और हाल में फ्रांस सरकार द्वारा राफेल मामले की जांच शुरू किए जाने को भी कांग्रेस मुद्दा बनाना चाहती हैं।

रविवार को विपक्षी दलों ने सरकार द्वारा पीएम मोदी की अध्यक्षता में सभी सांसदों की संयुक्त बैठक के प्रस्ताव का विरोध किया। प्रस्ताव के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पार्लियामेंट एनेक्सी में बैठक करेंगे। पार्लियामेंट एनेक्सी संसद के बाजू की बिल्डिंग को कहा जाता हैं। विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे संसद को बायपास करने की सरकार को साजिश करार दिया।

टीएमसी के राज्य सभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि,"जब संसद का सत्र चल रहा हो तब किसी दूसरी जगह जा कर चर्चा करने की सरकार को क्या जरूरत हैं?, मोदी सरकार संसद में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा से बचना चाहती हैं।" इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि 20 जुलाई को पीएम मोदी संसद के दोनों सदन में संबोधन करेंगे।

मानसून सत्र से पहले रविवार को आयोजित हुई सर्वदलीय बैठक में 33 पार्टियां शामिल हुईं। बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा के लिए तैयार हैं।

इस सत्र में सरकार की तरफ से 29 बिल पेश किए जायेंगे, सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी मंत्री के नए सदस्यों का संसद से परिचय करवाएंगे। 

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