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निगमों के 13,000 करोड़ बकाया रुपये देने से क्यों कतरा रहे हैं केजरीवाल?

नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा महामंत्री  हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल जब एनजीओ चलाते थे या जब आम आदमी पार्टी की स्थापना कर रहे थे तो वह लोकपाल के साथ ही मजबूत एवं स्वतंत्र नगर निकायों की बात करते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद लोकपाल उनकी वरीयता से कब गायब हो गया, किसी को पता नहीं लगा और नगर निगमों को कमजोर करना और उन्हें विफल करना उनकी राजनीतिक वरीयता बन गई। श्री मल्होत्रा ने ये बातें प्रदेश कार्यालय में हुए संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहीं। प्रेसवार्ता में उत्तरी दिल्ली के महापौर  जय प्रकाश, पूर्वी दिल्ली के महापौर  निर्मल जैन, दक्षिणी दिल्ली की महापौर  अनामिका मिथिलेश, प्रदेश भाजपा मीडिया प्रमुख  नवीन कुमार और प्रदेश प्रवक्ता  प्रवीण शंकर कपूर उपस्थित थे।

हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि गत 6 वर्ष से दिल्ली सरकार राजनीतिक द्वेष के साथ नगर निगमों को आर्थिक रूप से पंगु बनाने में लगी है। नगर निगमों के संवैधानिक फंड नहीं दिए जा रहे, चौथे दिल्ली वित्त आयोग के द्वारा फंड में की गई वृद्धि को विधानसभा में स्वीकार करके भी केजरीवाल सरकार ने आज तक भी लागू नहीं किया है, जिसके कारण दिल्ली में अनेक जनसेवायें प्रभावित हो रही हैं और निगम कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि एक ओर आम आदमी पार्टी की सरकार नगर निगमों को पैसे से वंचित कर रही है वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी दल के प्रवक्ता रोज बेबुनियाद आरोप लगाकर नगर निगमों की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं।

हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि भाजपा संगठन एवं तीनों नगर निगमों के भाजपा पार्षद लगातार नगर निगमों के फंड के लिए आंदोलनरत रहे हैं। तीनों महापौरों ने 13 दिनों तक मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना दिया, भूख-हड़ताल की, फिर भी दिल्ली के मुख्यमंत्री ने निगमों को उनके अधिकृत फंड नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगमों के लगभग 13000 करोड़ रुपये लंबित फंड की मांग के लिए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा ने एक लम्बा आंदोलन चलाया है, लेकिन केजरीवाल सरकार राजनीतिक द्वेष के चलते टस से मस नहीं हो रही। हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि उच्च न्ययालय द्वारा एक माह में दो बार केजरीवाल सरकार को निगम का पैसा न देने के लिए फटकार लगाने के बाद भी राजनीतिक द्वेष के कारण केजरीवाल अदालत के आदेश का भी पालन करने को तैयार नहीं हैं।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर  जय प्रकाश ने अरविन्द केजरीवाल पर झूठे प्रचार कर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की पहली ऐसी सरकार है, जो समय-समय पर कोर्ट से फटकार खाती है फिर भी कार्य करने की शैली में कोई अंतर नहीं आया है। उन्होंने मीडिया के सामने आंकड़े रखते हुए कहा सिर्फ उत्तरी दिल्ली नगर निगम को केजरीवाल सरकार से विभिन्न मदों में 6,309 करोड़ रुपये बकाया लेना है। 

पूर्वी दिल्ली के महापौर  निर्मल जैन ने केजरीवाल सरकार द्वारा ग्लोबल शेयर व्यवस्था खत्म करने पर कहा कि अब सरकार अपनी मर्जी से फंड तय कर रही है जिसके चलते डर है कि निगमों के फंड में भारी कटौती होगी। उन्होंने कहा कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम का केजरीवाल सरकार पर 4,590 करोड़ रुपये बकाया है जिससे निगम सेवाएं प्रभावित हो रही है।  

दक्षिणी दिल्ली के महापौर  अनामिका मिथिलेश ने कहा कि निगम के आर्थिक संसाधन सीमित है और इसका फायदा उठाकर केजरीवाल सरकार हर वक्त निगम को पंगु बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को दिल्ली सरकार से 2,304.69 करोड़ रुपये लेना है।

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