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“सांप्रदायिक आधार पर खुलेआम वोट मांगने” के लिए ममता को नोटिस जारी

कोलकता। चुनाव आयोग ने बुधवार शाम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नोटिस जारी किया। आयोग ने तीसरे चरण के चुनाव से पहले हुगली जिले के तारकेश्वर में चुनाव प्रचार के दौरान सीएम ममता द्वारा “सांप्रदायिक आधार पर खुलेआम वोट मांगने” के लिए ये नोटिस जारी किया। 

बनर्जी को नोटिस मिलने के 48 घंटों के भीतर अपनी टिप्पणी को स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। आयोग का कहना है कि ऐसा न करने पर ममता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रमुख दिलीप घोष का कहना है कि उनके काफिले पर कूच बिहार में हमला किया गया।

चुनाव आयोग द्वारा सीएम ममता को भेजा गया नोटिस केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल की शिकायत पर जारी किया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, बनर्जी ने कहा, “… मैं अपने अल्पसंख्यक भाइयों और बहनों से हाथ जोड़कर निवेदन कर रही हूं … शैतान की बात सुनने के बाद अल्पसंख्यक मतों को बंटने न दें … जिन्होंने भाजपा से पैसा लिया था … वह कई सांप्रदायिक बयान देते हैं। हिंदुओं और मुसलमानों के बीच झगड़े को बढ़ावा देना चाहते हैं … सीपीएम और बीआईपी को भाजपा ने अल्पसंख्यक वोटों को विभाजित करने के लिए पैसा दिया है।

आयोग ने कहा, ममता बनर्जी ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौथे चरण के मतदान से पहले कूच बिहार में इस बयान के लिए बनर्जी की कड़ी निंदा की।पीएम मोदी ने कहा, “दीदी , हाल ही में आपने कहा था कि सभी मुसलमानों को एकजुट होना चाहिए और अपने मतों को विभाजित नहीं होने देना चाहिए … मतलब आप आश्वस्त हैं कि मुस्लिम वोट बैंक भी आपके हाथ से निकल गया है, मुसलमान भी आपसे दूर हो गए हैं। 

बता दें कि बंगाल की आबादी में मुसलमानों की संख्या लगभग 27 प्रतिशत है और इससे पहले के चुनावों में, वे बनर्जी के लिए एक विश्वसनीय वोट बैंक थे।इस चुनाव में दो मुस्लिम नेताओं- AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और फुरफुरा शरीफ के अब्बास सिद्दीकी की एंट्री ने मामले को जटिल बना दिया है।

ममता ने कहा, “फुरफुरा शरीफ से एक गद्दार निकला है जिसने भाजपा से पैसा लिया है। आपको याद रखना चाहिए कि विश्वासघात के जरिए भाजपा बंगाल में नहीं जीत सकती।”चुनाव आयोग ने इससे पहले ममता बनर्जी को “तथ्यात्मक रूप से गलत” शिकायत पर चेतावनी दी थी। बनर्जी ने नंदीग्राम में मतदान के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप आयोग पर लगाया था।बता दें कि बंगाल में 10 अप्रैल को चौथे चरण का मतदान होगा। परिणाम 2 मई को घोषित किए जाएंगे।

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