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नियमों का कड़ाई से पालन करें, पहले की तरह इस बार भी कोरोना से पाएंगे पार: मोदी

नई दिल्ली। मुख्यमंत्रियों के साथ लाइव चर्चा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि नियमों का कड़ाई से पालन करें। उनका मंत्र था, दवाई भी और कड़ाई भी। पीएम ने विश्वास जताया कि पहले की तरह से इस बार भी कोरोना से लड़ाई जीती जाएगी। उन्होंने राज्यों के सीएम से कहा कि एहतियाती कदम उठाते हुए वैक्सीनेशन के काम में तेजी लाई जाए। 

नाइट कर्फ्यू को सही बताते हुए कहा कि जागरूकता के लिए इसका नाम कोरोना कर्फ्य़ू किया जाए।पीएम मोदी ने गुरुवार शाम राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअली बैठक की। उनके साथ गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, पंजाब सीएम अमरिंदर सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल, कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा भी शामिल हुए। बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बैठक से दूरी बनाई। अमरिंदर सिंह ने कहा कि गंभीर बीमारी वाले सभी वयस्कों को वैक्सीन लगाने की छूट राज्य सरकारों को दी जाए।


पीएम मोदी ने कहा कि अभी संपूर्ण लॉकडाउन की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत वैक्सीन लगाने का प्रयास हो। एंबुलेंस, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की भी समीक्षा करनी होगी। उन्होंने कहा कि 11 अप्रैल से 14 अप्रैल तक टीका उत्सव मनाएं। वैक्सीन लगवाने के बाद भी लापरवाही ना बरतें। उन्होंने कहा कि आसपास के लोगों को वैक्सीन के प्रति बढ़ावा दें। समाज के प्रभावी लोग इस अभियान में सामने आए।पीएम ने कहा कि एक ही राज्य को पूरी वैक्सीन नहीं दे सकते हैं। 

उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर जागरूकता जरूरी है। इसके लिए अभियान चलाया जाए। कोरोना के मरीजों के बढ़ने पर राज्य दबाव में ना आएं। उन्होंने कहा कि कोरोना के टेस्ट सही ढंग से किए जाएं। कंटेनमेंट जोन में हर व्यक्ति की जांच हो। उन्होंने कहा कि जहां संख्या ज्यादा है वहां पर ज्यादा टेस्ट हो रहे हैं। कोरोना पर काबू पाने के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट को बढ़ाए जाने की जरुरत है।पीएम ने कहा, एक बार फिर से जटिल स्थिति बन रही है। 

इस बार हालात ज्यादा चुनौतीपूर्ण हैं। लेकिन इस बार कोरोना से निपटने के इंतजाम चाकचौबंद हैं। उन्होंने कहा कि मास्क से लेकर वैक्सीन आज उपलब्ध है। आज हमारे पास संसाधन और अनुभव है। जबकि बीते साल हम इस मोर्चे पर पूरी तरह से नौसिखिए थे।मोदी ने कहा कि वैक्सीन से ज्यादा टेस्टिंग पर जोर दिया जाना चाहिए। हम टेस्टिंग भूलकर वैक्सीन पर चले गए हैं। पहले हमने लड़ाई सिर्फ टेस्टिंग से जीती थी। पीएम ने कहा कि कोरोना ऐसी चीज है जिसे जबतक आप बाहर से लेकर नहीं आएंगे, तबतक वह नहीं आएगा। इसलिए टेस्टिंग और ट्रेसिंग बढ़ाने की जरूरत है।पीएम मोदी ने कहा कि ज्यादातर केस एसिम्प्टोमैटिक हैं, इसलिए यह परिवारों में चुपके से फैल रहा है। बकौल पीएम, उन्हें इस कठिन समय में नेतृत्व का मौका मिला है। जिन्हें राजनीति करनी हो करें, कर भी रहे हैं। लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि हम इस जंग को जीतेंगे। जैसे हमने पिछली बार कोरोना को नियंत्रित किया था, वैसे ही इस बार भी कर लेंगे।

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