नीतीश सरकार ने दी एक्शन की इजाजत

पटना।  सुर्खियों में आए एक आईएएस और दो आईपीएस अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। अफसरों पर लगे गंभीर आरोपों की समीक्षा के बाद राज्य सरकार ने उनके खिलाफ एक्शन की इजाजत दे दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में कानूनी कार्रवाई के साथ विभागीय कार्यवाही भी शुरू की जाएगी।

आईएएस अधिकारी पर गंभीर आरोप

सूत्रों के मुताबिक गया में तैनाती के दौरान उक्त आईएएस अफसर ने बड़े पैमाने पर अनियमितता की थी। सरकारी आवास में लगे सागवान के कई पेड़ अवैध तरीके से अधिकारी ने निजी उपयोग के लिए कटवा लिए थे। इसके अलावा हथियारों का लाइसेंस देने में भी बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई थी। इन्हीं आरोपों में आईएएस अधिकारी पर तब कार्रवाई हुई जब वह पटना में पदस्थापित थे। प्रतिनियुक्ति के आधार पर बिहार में पदस्थापित रहे उस अफसर को राज्य सरकार ने बाद में उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया था। हालांकि जांच एजेंसियों को अभी सरकार के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। इसके मिलते ही कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

आपस में भिड़ गए थे आईपीएस अफसर

अफसर के अलावा दो आईपीएस अधिकारियों को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। दोनों आईपीएस अफसर जब गया में तैनात थे तभी उनपर कई आरोप लगे थे। सूत्रों के अनुसार जमीन माफियाओं से साठगांठ समेत कई अन्य आरोपों में घिरे इन आईपीएस अधिकारियों पर विभागीय कार्यवाही संचालित की जाएगी। गया के मेडिकल थाना क्षेत्र से जुड़े जमीन विवाद के एक मामले में दोनों अधिकारी एक-दूसरे से भिड़ गए थे। इसके अलावा थानेदार पर कार्रवाई को लेकर भी दोनों आमने-सामने आ गए थे।

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