(Governor )
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अब हर किसी की निगाहें महाराष्ट्र के राज्यपाल (Governor )पर टिकी हैं ?

नई दिल्ली. महाराष्ट्र में राजनीतिक घटनाक्रम तेज़ी से बदल रही है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की कुर्सी खतरे में पड़ गई है. शिवसेना के बागी नेता एकनाथ सिंदे ने 40 से ज्यादा विधायकों के समर्थन का दावा किया है. ऐसे में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि ठाकरे की सरकार अब अल्पमत में आ गई है. लिहाज़ा अब हर किसी की निगाहें महाराष्ट्र के राज्यपाल (Governor ) भगत सिंह कोश्यारी पर टिकी हैं. क्या वो विधानसभा को भंग करने का फैसला लेंगे? या फिर पूरा मामला फ्लोर टेस्ट तक पहुंचेगा. आईए इस कानूनी दांव-पेंट को विस्तार से समझते हैं.

संविधान का अनुच्छेद 174 (2) (बी) राज्यपाल को कैबिनेट की सलाह पर विधानसभा को भंग करने का अधिकार देता है. लेकिन राज्यपाल खुद भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. खास कर तब जबकि उन्हें लगता है कि मौजूदा मुख्यमंत्री के पास विधायकों का समर्थन कम है. जैसा कि इस वक्त उद्धव ठाकरे के साथ देखा जा रहा है.

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