Saturday, November 27, 2021 at 5:16 AM

अब धन की कमी नहीं इच्छाशक्ति एवं कुछ नया करने के की सोच

भदोही । शासन की ओर से खोले गए खजाने के बाद भी तमाम विद्यालय की तस्वीर बदलने में उदासीनता कायम है। राज्य वित्त आदि मद से अब तक 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक व कंपोजिट विद्यालयों को चमकाने के नाम पर 12 करोड़ रुपये अधिक धनराशि खर्च की जा चुकी है। फिर भी कहीं कमरों की कमी तो कहीं चहारदीवारी, फर्नीचर से लेकर अन्य सुविधाओं की कमी दिक्कत खड़ी कर रही है। जिले में अभी भी 150 विद्यालय ऐसे हैं जहां कहीं कमरे जर्जर हैं तो कहीं शौचालय की सुविधा बदहाल है। चहारदीवारी नहीं हैं तो कक्षा कक्षों के फर्श उखड़े पड़े हैं। विद्यालय परिसर में इंटरलाकिग न होने से घास-फूस उगी रहती है। ऐसे स्कूलों शासन स्तर से चल रहे प्रयास के साथ ही जन सहयोग से चमकाने की जरूरत है। साथी हाथ बढ़ाना की तर्ज पर जब लोग आगे आएंगे, विद्यालय के भौतिक संसाधनों, शिक्षण व्यवस्था, देखभाल को लेकर प्रयास करेंगे तो वह दीन दून नहीं होगा जब सरकारी विद्यालय फिर से सिरमौर बने दिखेंगे।

ज्ञानपुर ब्लाक का कंपोजिट विद्यालय बड़वापुर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के परिसर में तो काम करा दिया गया है लेकिन प्राथमिक विद्यालय में स्थित बदहाल है। दो कमरे पहले से निष्प्रयोज्य घोषित हैं तो दो अन्य कमरे भी जर्जर अवस्था में हैं। बारिश के समय छत से पानी टपकता है। इन्हीं कमरों में पढ़ाई होती है। न तो विभागीय स्तर से गंभीरता दिखाई जा रही है। न ही जनप्रतिनिधि ही कमरों की  केस 2- औराई ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अलमऊ में तीन कमरों में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को बैठाकर पढ़ाना पड़ता है। जबकि बच्चों की संख्या दो सौ से अधिक है। दो कमरों की जरूरत है। इसके साथ ही विद्यालय तक पहुंचने के लिए रास्ता तक नहीं हैं। औराई ब्लाक के अमवामाफी कंपोजिट विद्यालय (यादव बस्ती) की चहारदीवारी टूटी पड़ी है। पूर्व माध्यमिक स्तर के विद्यालय परिसर में बच्चों के पीने के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं हैं।

शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था, नामांकन के सापेक्ष बालक-बालिका शौचालय, दिव्यांग बच्चों का शौचालय, बालक-बालिका मूत्रालय, शौचालय व मूत्रालय का टाईलीकरण एवं ओवरहेड टैंक से नलजल आपूर्ति, मल्टीपल हैंडवाश, श्यामपट्ट, कक्षा कक्ष की फर्श का टाईलीकरण, नलजल आपूर्ति के साथ रसोईघर, सभी कक्षाओं में दिव्यांग सुलभ रैंप व रेलिग, सभी कमरों में आंतरिक वायरिग व विद्युत उपकरण, विद्युत संयोजन, बच्चों के लिए फर्नीचर, विद्यालय की समुचित रंगाई पोताई, चहारदीवारी के निर्माण का कार्य कराया जाना है।

मिशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों को अवस्थापना सुविधाओं से संतृप्त करने की योजना चल रही है। इसे लेकर एडीओ पंचायत, सचिव, ग्राम प्रधान व संकुल शिक्षकों की बैठक की जा रही है। विद्यालयों में कराए जाने वाले कार्यों को प्राथमिकता पर लेकर पूरा कराने का निर्देश दिया जा रहा है। यदि लोग जन सहयोग करेंगे तो विद्यालयों की स्थिति और भी बेहतर होगी।  शिक्षकों की बेहद कमी झेल रहे इंटरमीडिएट स्तर से पांच सहित जिले में संचालित कुल 38 राजकीय हाईस्कूलों में शिक्षकों की कमी शिक्षण कार्य में बाधा बन रही है। विभूति नारायण राजकीय इंटर कालेज ज्ञानपुर, राजकीय बालिका इंटर कालेज जगन्नाथपुर सहित इंटर स्तर से पांच व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत कई वित्तीय वर्षों में उच्चीकृत कर राजकीय हाईस्कूल में तब्दील किए गए 33 कुल 38 राजकीय विद्यालयों में एलटी ग्रेड के 304 शिक्षक पदों के सापेक्ष मात्र 141 शिक्षकों के जरिए कार्य चलाया जा रहा था।