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केजीएमयू बना हॉट स्पॉट, स्क्रीनिंग में मिल सकते हैं और संक्रमित!

-सक्रंमित डाक्टरों को वार्ड में किया गया शिफ्ट, कई हुए सेल्फ आइसोलेट 
-पहले वीसी फिर तकरीबन 40 डॉक्टर हुए पॉजीटिव, सबसे ज्यादा सर्जरी विंग प्रभावित
-अधिकांश ले चुके थे वैक्सीन की दोनों डोज, आमजन के बीच उठने लगे तमाम सवाल
चन्द्र प्रकाश सिंह
लखनऊ। राजधानी के केजीएमयू में सोमवार से जारी स्क्रीनिंग में आरटीपीसीआर जांच में कुलपति ले.जनरल डा.विपिन पुरी सहित विभिन्न विभागों के तकरीबन 40 चिकित्सक संक्रमित पाये गये। हैरानी की बात यह रही कि इनमें से अधिकांश कोविड-19 वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके थे। ऐसे में आम लोगों के बीच यह सवाल काफी कौंध रहा है कि आखिर दोनों डोज लेने के बाद भी कैसे व किस प्रकार हेल्थ वर्कर जैसे फ्रंटलाइन वर्कर संक्रमित हो गये। 
बता दें कि केजीएमयू चिकित्सा संस्थान में लगभग दस हजार हेल्थ वर्कर कार्यरत हैं और रोजाना दो से ढाई हजार मरीज यहां आते-जाते हैं। ऐसे में एक साथ इतने बड़े तादाद में केजीएमयू डॉक्टरों के संक्रमित होने से 
इलाज को बाहर से आने वाले मरीजों व तीमारदारों के समक्ष विषम परिस्थितियां खड़ी हो गई हैं। वहीं केजीएमयू सूत्रों की मानें तो केजीएमयू प्रशासन के एकतरफा रवैया के चलते संक्रमण का ग्राफ अचानक इतना बढ़ गया। उनके अनुसार चूंकि इस कोविड काल में प्रमुख चिकित्सकों के बजाये अधिकतर मौकों पर सीनियर व जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर ही मरीजों को अटेंड करते हैं, लेकिन इसके बाजवूद इनके लिये न तो मॉस्क और न ही सैनीटाइजर की उपलब्धता संस्थानक की तरफ से पर्याप्त मात्रा में हो पाती है। इनके मुताबिक एन95 मास्क उन्हीं डाक्टरों को दिया जाता है जो हाई रिस्क में डयूटी करते हैं जबकि मेडिकल स्टूडेंट अपने से खरीद कर अपने बचाव के लिये ऐसे मास्क का इस्तेमाल करते हैं। 
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संक्रमित डॉक्टरों की लिस्ट जारी की जायेगी: डॉ. सुधीर
वहीं इमरजेंसी सहित ट्रामा, लारी, क्वीन मेरी सहित रोजाना तीन सौ से अधिक मरीजों के आने का दबाव बना रहता है। केजीएमयू सीएमएस डा.एसएन शंखवार के अनुसार संस्थान में डाक्टरों की स्क्रीनिंग की जा रही है जो संक्रमित हैं उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया है। केजीएमयू ट्रामा प्रभारी डा.संदीप तिवारी ने बताया कि इमर्जेंसी ट्रामा, लारी व क्वीन मेरी में लगभग तीन सौ मरीज प्रतिदिन इलाज के लिये आते हैं। कहा कि संस्थान की तरफ से कोविड-19 के  अंतर्गत सभी चिकित्सा कर्मियों को मास्क व सनीटाइजर की सुविधा दी जा रही है। वहीं दूसरी तरफ केजीएमयू प्रवक्ता डा.सुधीर सिंह ने बताया कि अभी विभागों द्वारा संक्रमित डाक्टरों की लिस्ट जारी नहीं की गयी है जैसी जारी की जायेगी उपलब्ध कराया जायेगा। कहा कि अभी संस्थान के सभी विभिन्न विभागों में स्क्रीनिंग जारी है जो सक्रंमित होंगे उन्हेें सूचित किया जायेगा। आगे बताया कि आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट आने में 24 घंटे लगते हैं। 

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