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लखनऊ: कोरोना को लेकर प्रभारी अधिकारी कोविड डॉ रोशन जैकब ने की बैठक 

लखनऊ: कोरोना को लेकर प्रभारी अधिकारी कोविड डॉ रोशन जैकब ने की बैठक
द्वारा शिक्षकों की टीम व चिकित्सको की टीम के प्रभारियों के साथ की बैठक
 
धनात्मक रोगियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने एव होम आइसोलेशन रोगियों के फॉलो अप हेतु सीएचसीवार कॉलिंग व्यवस्था बनाई गई
 
-  राजधानी के 10 सीएचसी पर कुल 160 शिक्षकों की लगाई गई ड्यूटी
 
अनुभवी चिकित्सकों की भी ड्यूटी सीएचसीवार लगाई गई है ताकि होम आइसोलेशन रोगियों को चिकित्सकीय परामर्श घर बैठे उपलब्ध कराया जा सकें
 
शिक्षकों द्वारा रोगी से उनके टेम्प्रेचर, ऑक्सीजन लेवल, आरआरटी के द्वारा दवा उपलब्ध कराई गई या नहीं एवं क्या उनको चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता है अथवा नही आदि फीडबैक लिया जाएगा
 
गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से शिक्षकों द्वारा रोगियों को कॉल करके उनके निस्तारण का सत्यापन भी कराया जाएगा
 
रोगी का स्वास्थ्य गिरने पर उसे कोविड कन्ट्रोल एंड कमाण्ड सेंटर के माध्यम से हास्पिटल में भर्ती कराने की कार्यवाही की जाएगी
 
लखनऊ, 3 मई(तरुणमित्र)। स्मार्ट सिटी सभागार में मंगलवार प्रभारी अधिकारी कोविड-19  डॉ रोशन जैकब द्वारा शिक्षकों की टीम व चिकित्सकों की टीम के प्रभारियों के साथ बैठक की गई।बैठक में प्रभारी अधिकारी ने कहा कि धनात्मक रोगियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने एव होम आइसोलेशन रोगियों के फॉलो अप हेतु सीएचसीवार कॉलिंग व्यवस्था बनाई गई है। उन्होंने बताया कि राजधानी की 10 सीएचसी पर कुल 160 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक सीएचसी के निकटम विद्यालय में शिक्षकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। साथ ही इसी प्रकार से अनुभवी चिकित्सकों की भी ड्यूटी सीएचसीवार लगाई गई है। ताकि होम आइसोलेशन रोगियों को चिकित्सकीय परामर्श घर बैठे उपलब्ध कराया जा सकें। 
     डॉ रोशन जैकब ने बताया कि प्रत्येक सीएचसी के एमओआईसी अपने यहां के शिक्षकों की टीम को धनात्मक रोगियों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी। सूची के अनुसार शिक्षकों द्वारा रोगियों को कॉल करके फॉलोअप लिया जाएगा। शिक्षकों द्वारा रोगी से उनके टेम्प्रेचर, ऑक्सीजन लेवल, आरआरटी के द्वारा दवा उपलब्ध कराई गई या नहीं एवं क्या उनको चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता है, अथवा नहीं आदि फीडबैक लिया जाएगा। यदि रोगी द्वारा चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता बताई जाती है। तो उसको हैलो डॉक्टर सेवा का नम्बर दिया जाएगा। जिस पर कॉल कर के रोगी चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही यदि किसी को अभी तक दवा नही मिली या कोई अन्य समस्या है। तो इसकी सूचना तत्काल एमओआईसी को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि रोगी की समस्या का निस्तारण सुनिश्चित कराया जा सके। 
        प्रभारी अधिकारी द्वारा यह भी बताया गया कि गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से शिक्षकों द्वारा रोगियों को कॉल करके उनके निस्तारण का सत्यापन भी कराया जाएगा।उन्होंने बताया कि इसी प्रकार से चिकित्सको के पास जो कॉल आएगे उसमे रोगियो को परामर्श दिया जाएगा और यदि लगता है, कि किसी रोगी का स्वास्थ्य गिर रहा है।उसे हास्पिटल की आवश्यकता है, तो तत्काल उसका विवरण एमओआईसी को उपलब्ध कराते हुए उसे कोविड कन्ट्रोल एंड कमाण्ड सेंटर के माध्यम से हास्पिटल में भर्ती कराने की कार्रवाई की जाएगी।
 

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