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महामारी के दौरान गैरकानूनी रूप से बच्चों को गोद दिया जाना,गैर कानूनी तथा दण्डनीय अपराध:प्रमुख सचिव

Unlawful adoption of children during epidemic, illegal and punishable crime: Principal Secretary

- प्रमुख सचिव ने समस्त जनपदों की संस्थाओं में आवासित महिलाओं एवं बच्चों के कोविड-19 के नियमित परीक्षण की समीक्षा

- समस्त जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रत्येक 15 दिनों में  बाल एवं महिला देखरेख संस्थाओं में आवासित महिलाओं एवं बच्चों के
कोविड-19 का परीक्षण कराने के निर्देश



कोविड-19 के कारण जिन बच्चों के माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मृत्यु हो चुकी है ऐसे समस्त बच्चों को चिन्हित कर उनके पुर्नवास हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश 

लखनऊ: 04 मई(तरुणमित्र)।प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग वी0 हिकाली झिमोमी की अध्यक्षता में मंगलवार को कोविड-19 के सम्बन्ध में बैठक की गई। इस बैठक में निदेशक महिला कल्याण विभाग मनोज कुमार राय वर्चुअल कमेटी के सदस्य, समस्त उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, यूनिसेफ के बाल संरक्षण विशेषज्ञ आफताब मोहम्मद ने प्रतिभाग किया ।
बैठक में प्रमुख सचिव ने समस्त जनपदों की संस्थाओं में आवासित महिलाओं एवं बच्चों के कोविड-19 के नियमित परीक्षण की समीक्षा की एवं समस्त जिला प्रोबेशन अधिकारियों को निर्देशित किया, कि प्रत्येक 15 दिनों में  बाल एवं महिला देखरेख संस्थाओं में आवासित महिलाओं एवं बच्चों के कोविड-19 का परीक्षण अनिवार्य रूप में करायें।
        उन्होंनें मुख्यालय को यह निर्देशित किया किया कि प्रत्येक दिन शाम को प्रदेश के विभिन्न बाल एवं महिला देखरेख संस्थाओं में आवासित महिलाओं एवं बच्चों के साथ-साथ कार्मिकों के कोविड-19 से संक्रमित होने, अस्पताल में भर्ती होने, होम आइसोलेशन में रह रहे बच्चों, महिलाओं एवं कार्मिकों का डाटा व्हाट्सएप्प पर प्रेषित करें।प्रमुख सचिव ने कोविड-19 के कारण जिन बच्चों के माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मृत्यु हो चुकी है, या ऐसे बच्चे बच्चे जिनके माता-पिता कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण अस्पताल/होम आईसोलेशन में हैं, और इन बच्चों का देखरेख करने वाला कोई नहीं है। ऐसे समस्त बच्चों को चिन्हित कर उनके पुर्नवास हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि ऐसे समस्त बच्चों के संबंध में चाइल्ड लाइन-1098 एवं महिला हेल्पलाइन 181 को सूचित किया जाय। बच्चों के चिन्हांकन में ग्राम निगरानी समिति एवं मोहल्ला निगरानी समिति विभिन्न स्तरों पर गठित बाल संरक्षण समितियों का सहयोग लिया जाये।उन्होंने ऐसे सभी बच्चों को 24 घंटों के भीतर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिये। महामारी के दौरान गैर कानूनी रूप से बच्चों को गोद दिए जाने संबंधित संदेश प्रकाश में आये हैं, जो गैर कानूनी तथा दण्डनीय हैं। प्रमुख सचिव द्वारा निर्देश दिये गये की ऐसे संदेशों के प्रति जन-सामान्य को सजग किया जाये तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाये।

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