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Today's Paper

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संकट के साथी को भूले योगी जी! 

यूपीएसटीआरसी

 • प्रवासी श्रमिकों को गंतव्य तक पहुचाने में रेलवे की तरह उठाया बीड़ा

• ड्यूटी के दौरान तत्कालीन एमडी भी हुए थे कोरोना संक्रमित

•अभी तक रोडवेज कर्मी नही घोषित हो पाएं फ्रंट लाइन वर्कर्स

•अंतरराज्यीय बस सेवा बन्द होने से चालक परिचालक होंगे प्रभावित

संकट के साथी को भूले योगी जी!  संकट की इस घड़ी में  जिस तरह से रातों दिन परिवहन निगम के  कि साथियों ने प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य स्थलों तक पहुंचाने का कार्य किया है वो वह वाकई में सराहनीय है| तकरीबन 1 साल पहले कुछ ऐसे ही ऐसे ही सराहनीय शब्द सूबे के मुखिया यानी सीएम योगी ने यूपी रोडवेज किस संपूर्ण टीम के लिए सार्वजनिक समारोह में व्यक्त किए व्यक्त किये थे| मगर अब जब कोरोना महामारी के इतने लंबे समय बीत गए तो तो योगी जी रोडवेज की उन्ही साथियों को लगता है भूल गए|  आज जब आज जब  कोविड-19  की दूसरी लहर ने देश प्रदेश में तब तबाही मचा रखी है विषम परिस्थिति  को ध्यान में रखते हुए केंद्र से लेकर राज्य सरकारों को आपात स्थितियों में अलग तरीके से लॉकडाउन लगाना पड़ रहा है यहां तक की यूपी की बात करें तो कुरूना संक्रमण को देखते हुए रोडवेज की अंतर राज्य बस सेवाओं को बंद करना पड़ रहा,  जिससे निश्चित तौर पर  रोडवेज की आमदनी से लेकर बड़ी संख्या में निगम निगम में कार्यरत संविदा चालक परिचालक सहित तमाम रोडवेज कर्मी की आय का जरिया बंद हो सकता है|  अब सवाल यह उठता है कि आखिर योगी जी इस वैश्विक महामारी के पहले चरण में रोडवेज कर्मियों की की गई निस्वार्थ सेवा भावना को क्यों नजरअंदाज कर रहे हैं| गौर करने वाली बात है कि रोडवेज की अकेले लखनऊ रीजन में ही कार्यरत तमाम कर्मचारी और अधिकारी जान जोखिम में डालकर रात दिन बसों के संचालन में लगे हैं|  हैरानी की बात यह है कि प्रदेश सरकार ने अभी तक रोडवेज कर्मियों को फ्रंटलाइन वर्कर तक घोषित नहीं किया है|   लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर  कटार बंद होकर खड़ी रोडवेज बसों को भुलाया नहीं जा सकता देश की अलग-अलग राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों को उनके गांव घर और दिल चित्र तक पहुंचाने का बीड़ा  उठाया जो कि आज भी बदस्तूर जारी है| इस बारे में जब कुछ रोडवेज चालकों व परिचालकों से बात की की गई तो उनका यही कहना रहा कहना रहा कि भले ही परिवहन साधन के मामले में रेलवे के बाद रोडवेज सेवा नंबर पर हो मगर यदि रेलवे ने प्रवासी मजदूरों को इतना स्थल तक स्थल तक छोड़ा तो तो रोडवेज की टीम ने उन्हें उनके गांव देश तक पहुंचाने का काम किया|  यानी  महामारी के इस दौर में रेलवे के साथ रोडवेज ने भी कंधे से कंधा मिलाकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया|   यूपी रोडवेज की इस टीम भावना  का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि  उस समय के  तत्कालीन प्रबंध निदेशक डॉ राजशेखर खुद अपने अधिकारियों के साथ चारबाग  चारबाग  रेलवे सर्कुलेटिंग एरिया से लेकर राजधानी के बस अड्डा पर जमीनी जमीनी निरीक्षण करते देखे गए थे| ऐसे में वह खुद कुरौना संक्रमण की चपेट में आ गए थे  और कई दिनों तक एसजीपीजीआई में इलाज के बाद वह वापस ड्यूटी पर आप आए थे| रेलवे इस को ध्यान में रखते हुए जहां एक तरफ अपने कर्मियों को ड्यूटी के दौरान कोविड-19 के दौर में सुरक्षा व संरक्षण मुहैया करा रहा है तो दूसरी तरफ दिन प्रतिदिन रोडवेज कर्मियों पर अतिरिक्त कार्य का का भार थोपा जा रहा है|  ध्यान देने वाली बात यह भी है कि यूपी रोडवेज में बड़ी संख्या में कार्य करने वाले संविदा कर्मियों एक पूरा समूह है परिवार पूरी तरह इसी पर निर्भर है ऐसे में इनकी रोजी रोटी कैसे चलेगी|  राजधानी के आलमबाग से लेकर चारबाग कैसरबाग और अवध बस स्टेशन की बात करें तो यहां के कई रोडवेज कर्मी कोरोना पॉजिटिव है या फिर दूसरी बार संक्रमण की चपेट में आ गए हैं|  इतना ही नहीं कई तो ड्यूटी करने के दौरान संक्रमित हुए और फिर परिस्थिति वश मुकम्मल इलाज ना मिलने से परलोक सिधार गए|  बावजूद इसके ना तो अभी तक योगी सरकार और ना ही यूपी रोडवेज के आला प्रबंधन का ध्यान इस ओर पड़ रहा है|

प्रिय साथियों सभी को नमस्कार साथियों आपका साथी रजनीश मिश्रा काफी दिनों के बाद आपसे फिर मुखातिब है साथियों जो यह समय चल रहा है हम सब के लिए एक परीक्षा की घड़ी है उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम का लखनऊ क्षेत्र का हर कर्मचारी अपनी जान हथेली पर रखकर कार्य कर रहा है आपको याद होगा कि पिछले को रोना काल में आप सब ने लगातार तीन चार महीने तक घर से बाहर रहकर जिस तरीके से प्रदेश की जनता की सेवा की थी प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाया था उसको लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने वह सम्मानित अधिकारियों ने परिवहन निगम के कर्मचारियों की तारीफ की थी माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा था कि परिवहन निगम हमारा संकट का साथी है लेकिन इसको रोना काल में सारा संकट हमारे ही साथियों पर आ गया है संविदा कर्मचारियों पर दबाव बनाकर गाड़ियां चलाई जा रही है तथा 50 परसेंट से ज्यादा सवारी नहीं बैठाने का आदेश किया जा रहा है और यदि 50% से कम इनकम भी आती है तो उनके वेतन से कटौती की जा रही है यह किस तरीके का कानून लागू किया जा रहा है हम सबको समझ में नहीं आ रहा दुख का विषय तब आया जब हमारे सम्मानित 1gm स्तर के अधिकारी आरएम ए आर एम अनेक कर्मचारियो की कुरौना से लड़ते हुए मौत हो गई पूरे परिवहन निगम पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा लेकिन मैं धन्यवाद करता हूं अपने साथी कर्मचारियों का किस दुख की घड़ी मैं भी वह घबराए नहीं हिम्मत नहीं तोड़ी और हौसले के साथ डटे हुए हैं प्रदेश की जनता की सेवा में दिन रात लगे हुए हैं मैं स्वयं इसका उदाहरण हूं 20 दिन पहले मुझे कोरोना पॉजिटिव घोषित कर दिया गया था स्वस्थ होने के बाद मैं फिर जनता की सेवा के लिए मैदान में आकर बैठ गया हूं मेरी अपने सभी सम्मानित साथियों से अपील है वह डरे नहीं घबराए नहीं हिम्मत रखें या तेरा छटेगा नया सूरज निकलेगा मेरी माननीय मुख्यमंत्री जी से अपील है कि वह अन्य विभागों के साथ परिवहन निगम के कर्मचारियों को भी कुरौना वारियर्स का दर्जा दे और जो सुविधाएं दूसरे अन्य फ्रंटलाइन के कर्मचारियों को मिल रही है जैसे प्रोत्साहन भत्ता आदि परिवहन निगम के कर्मचारियों को भी देने का काम करें जिससे परिवहन निगम का कर्मचारी भी अपने को सम्मानित महसूस करें और प्रदेश की जनता की सेवा में डाटा रहे जय हिंद जय परिषद रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद लखनऊ क्षेत्र का प्रतिनिधि होने के नाते मेरी सभी साथियों से अपील है कि वह हिम्मत रखें परिवहन निगम और सरकार आपके साथ खड़ी है संगठन आपके साथ है जय हिंद

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