Saturday, November 27, 2021 at 3:14 AM

शामली में बदहाली में जी रहे कैराना के लोग

शामली: मुजफ्फरनगर दंगे के बाद कई परिवार कैराना से आकर बसे थे। जिनसे नेताओं ने चुनावी वादे करके वोट तो ले लिया। लेकिन उनकी बस्तियों में विकास व सुधारकार्य कभी नहीं करवाया। जिसके चलते वह बदहाली की जिन्दगी जीने को मजबूर हैं। न ही पक्के रास्ते हैं न ही पक्के मकान बने हैं।

 

जिले के झिंझाना मार्ग पर स्थित नाहिद कॉलोनी में 2013 में मुजफ्फरनगर दंगे में विस्थापित हुए कैराना के 100 परिवार आकर बस गए थे। यहां 100 परिवारों के कुल 400 वोट हैं। दंगे के 8 साल बीत जाने के बाद भी यहां रहने वालों की स्थिति दैयनीय बनी हुई है। यहां दो बार से नाहिद हसन समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। जो केवल चुनावी वादे करके इन परिवारों से वोट लेते हैं।

 

वहां की निवासी एक महिला ने बताया कि गांव में न तो उन लोगों के पक्के मकान हैं, न ही पक्की सड़कें हैं। गांव में साफ-सफाई करने के लिए भी कोई नहीं आता है। जिससे गंदगी का अंबार लगा रहता है। यहां लोग झुग्गी- झोपड़ी डालकर रहते है।