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Thursday, October 21, 2021 at 8:09 PM

महिला डाक्टर आस्‍था अग्रवाल का शव उसके घर में मिलने के मामले में पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही

अलीगढ़ । आस्था के साथ काम करने वाले मनीष ने पुलिस को बताया कि रात में ही उन्हें कुछ संदेह हुआ था। उसकी बहन आकांक्षा ने घर जाने को कहा। लेकिन, मनीष ने अनजान होने की दलील दी। इस पर आकांक्षा ने कहा कि फोन को स्पीकर पर रखकर वहां पहुंचें। लेकिन, वहां पहुंचने पर ताला लगा और कार बाहर खड़ी देखकर मोहल्ले के लोगों को भी कुछ संदिग्ध लगा। साथ में ड्राइवर था, जिसे अंदर जाने पर कमरे में शव लटका नजर आया। सभी कमरों के दरवाजे खुले हुए थे।

आकांक्षा को जब घटना का पता चला तो वह आगरा से आ गई। उसकी ओर से हत्या के आरोपों में तहरीर दी गई है। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। कोरोना काल की दूसरी लहर में आक्सीजन को लेकर जिले में भारी किल्लत हुई थी। इस मुश्किल समय में आक्सीजन का पूरा दारोमदार कासिमपुर स्थित राधा इंडस्ट्रियल गैस प्लांट पर था। इसकी संचालिका आस्था अग्रवाल व इनके पति ही थे। मई 2021 में भी यह इस प्लांट को लेकर काफी चर्चाओं में रहीं थीं। इन्होंने प्लांट से आक्सीजन की कालाबाजारी करने वाले लोगों का भंडाफोड़ किया। इसी प्रकरण को लेकर थाने में शहर में चर्चित दो युवक व सरकारी लिपिक के खिलाफ तहरीर भी दी थी। प्रशासन ने भी इस मामले की जांच कराई थी। हालांकि, इस प्रकरण के बाद कुछ आडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुई थीं।

डा. आस्था अग्रवाल वर्ष 2014 से हरदुआगंज सीएचसी से संबद्ध राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मोबाइल हेल्थ टीम में बतौर चिकित्साधिकारी नियुक्त थी। मोबाइल हेल्थ टीमें स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करती हैं। जन्मजात व अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त बच्चों को संबंधित सीएचसी, जिला स्तरीय अस्पताल अथवा जेएन मेडिकल कालेज स्थित डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में भर्ती कराती हैं। डा. आस्था का कार्यकाल संतोषजनक रहा।