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Monday, October 25, 2021 at 3:39 PM

महिलाओं की सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी : जयशंकर सिंह (एस०ओ० रौज़ा) 

शाहजहांपुर। मिशन शक्ति के तहत शनिवार को नानी पालकीवाला लॉ फाउण्डेशन के फाउण्डर चेयरमैन सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ० आशीष कुमार मैसी के सुपुत्र और नानी पालकीवाला लॉ फाउण्डेशन के वर्तमान चेयरमैन व एन०टी०आई० ग्रुप के डायरेक्टर अंशुमन कुमार सिंह मैसी, एड० द्वारा जाॅन नेव सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिसमे थानाध्यक्ष रौज़ा समेत भारी संख्या में महिला कांस्टेबल बल उपस्थित रहा। पुलिस समेत एनटीआई ग्रुप के सभी महिला सदस्यों द्वारा सरकार द्वारा चलाई का रहीं नारी की सुरक्षा के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई।
थानाध्यक्ष रौज़ा जयशंकर सिंह ने कहा कि बालिकाओं की सुरक्षा समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलंबन और 112 व 1090 समेत अन्य हेल्प लाइन नंबरों की जानकारी होनी चाहिए उन्होंने कहा कि आप सभी को जरूरत पड़ने पर इन सबका इस्तेमाल करना जरूर आना चाहिए।
एन०टी०आई० ग्रुप के लीगल एडवाइजर वरिष्ठ अधिवक्ता तसलीम खां ने कहा कि महिला अपने अधिकारों को समझे व उनके बारे में अधिक से अधिक जानकारी मिले इसके लिए उन्होंने महिला श्रमिकों को समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, मातृत्व लाभ अधिनियम 1961, कार्यरत महिला के यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि बालिकाओं को लैंगिक आधार पर दबाना गलत है। बालिकाओं को मजबूत करने के लिए उनके शारीरिक ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना चाहिए। बालिकाओं की सुरक्षा अभिभावकों की ही नहीं पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा महिलाओं के प्रति समाज की धारणाओं को भी बदलने की जरूरत है। बालिकाओं ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि यदि उन्हें अवसर मिले तो वो प्रत्येक क्षेत्र में अच्छा योगदान दे सकती हैं।
महिला हेड कांस्टेबल ने कहा कि घर में एक बच्चा जब जन्म लेता है तो उसकी प्रथम शिक्षिका मां होती है। मां का यह दायित्व बनता है कि वह बेटे और बेटी में कोई भेदभाव ना करे। बेटे व बेटी दोनों एक समान हैं। एक समान दोनों को बराबर अवसर उपलब्ध कराएं।
महिला कांस्टेबल ने कहा कि लड़कियों को अब आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है। उत्पीड़न का खुलकर विरोध करें और इसकी शिकायत टोल फ्री नंबर पर करें। उन्होंने कहा कि लड़कियों को हर अत्याचार का विरोध करना चाहिए। समस्याओं से घबराए नहीं बल्कि उसके समाधान की कोशिश करें। कार्यक्रम में एनटीआई ग्रुप द्वारा महिला कांस्टेबलो को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अंत में ग्रुप के लीगल एडवाइजर वरिष्ठ अधिवक्ता तस्लीम खां ने आये सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में संजीव मिश्रा, सुनीता द्विवेदी, कुमुद सक्सेना, अनिल आर सिंह, मदन राठौर, अरविन्द लाल, मो० फरहान, भगवान स्वरूप, उ०नि० अनित कुमार, अनूप कुमार, रागिनी श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।