सावित्रीबाई फुले ने की सपा के समर्थन की अपील

लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधानसभा के इस चुनावी दंगल में सभी पार्टियां अपना दांवपेच लगाने में जुट गई है समस्त गैर भाजपाई दल मिलकर भाजपा को सत्ता से बाहर करना चाहते हैं लकिन कुछ दलों के प्रमुख नेता बैक डोर से भाजपा की सरकार बनाने का कार्य कर रहे हैं। हमारी पार्टी भाजपा को रोकने व सत्ता से बाहर करने के लिए 6 दिसंबर 2017 से आंदोलन चला रही है जिसका नेतृत्व मैं खुद कर रही हूं। हमने तमाम रैलियां जनसभाओं के माध्यम से बहुजन समाज को जगाने का काम किया है। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से संविधान में दिए गए कानूनी अधिकार खतरे में है। आज महंगाई बेरोजगारी गरीबी भूखमरी बड़े पैमाने पर बढ़ी हंै किसान मजदूर तबाह हो रहे हैं और उन पर आत्महत्या हो रहे हैं। हमारे लिए संविधान व संविधान में दिए गए कल्याणकारी कानून एवं बहुजन की आजादी को बचाना महत्वपूर्ण है। कुछ लोग राजनीतिक दल का नेतृत्व करके संविधान को बचाना नहीं चाहते और चुनाव में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विधायक व मंत्री बनने के लिए आश लगाए हुए हैं। संविधान को बचाने व बहुजन की आजादी को बचाने तथा उनके सम्मान को बचाने के लिए हम पूरी दमदारी से लगकर पिछड़ों एवं दलित समाज के हित में काम कर रहे है। उक्त बातें कांशीराम बहुजन मूलनिवासी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सावित्रीबाई फुले ने यूपी प्रेसक्लब में एक पत्रकारवार्ता में बोलते हुए कहीं। आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के दलितों व समस्त बहुजन समाज के युवाओं से अपील करती हूं कि भारत के संविधान को बचाने और आजादी को बचाने के लिए भाजपा जैसी पार्टी को रोकना बहुत जरूरी है। अपना वोट टुकड़ों में न बटने दे, सभी सपा प्रमुख अखिलेश यादव का समर्थन करें यही मेरी दलित समाज से अपील है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इस बारे के राजनीतिक दंगल में पिछड़ों व दलित समाज का इतिहास मिट जाएगा, यह एक चुनाव ही नहीं है यह आजादी की लड़ाई भी है तथा यह बाबा साहेब के संविधान को बचाने की लड़ाई है क्योंकि संविधान पिछड़े और दलित समाज के अस्तित्व एवं विकास का दस्तावेज है इसे बचाने के लिए समाजवादी पार्टी का साथ देना ही होगा।

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