Main

Today's Paper

Today's Paper

 एमएस धौनी की कप्तानी वाली टीम के लिए खिताबी जीत का चौका लगाने में मुश्किल होगी।

नई दिल्ली । 12वें सीजन के लिए टीम तैयार है, लेकिन सिर्फ एक बार टीम के साथ ऐसा हुआ है जब टीम टॉप 4 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई है। ये सीजन आइपीएल का पिछला सीजन था, जो संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में खेला गया था। ऐसे में खिताबी चौके का सपना देख रही सीएसके के लिए थोड़ी मुश्किल होगी।

एमएस धौनी चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान हैं। हालांकि, दो सीजन प्रतिबंधों के कारण सीएसके टूर्नामेंट नहीं खेल पाई है, लेकिन सबसे ज्यादा बार प्लेऑफ में पहुंचने का रिकॉर्ड सीएसके के नाम है। हालांकि, नए सीजन से पहले मोमेंटम को देखा जाए तो सीएसके के पास नहीं है। भले ही चेन्नई सुपर किंग्स ने 2020 के सत्र में अपने आखिरी तीन मुकाबले जीते हों, लेकिन टीम प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी।

टीम के लिए अच्छी बात ये है कि सुरेश रैना टॉप ऑर्डर के लिए लौट आए हैं, जो नंबर तीन पर खेलते नजर आएंगे। हालांकि, टीम में कुछ बदलाव भी हुए हैं, लेकिन एक क्षेत्र में टीम कमजोर पड़ सकती है। ऐसे कप्तान करीबी मैचों को कैसे बचाएंगे। ये देखने वाली बात होगा। बल्लेबाजी में गहराई है, स्पिनर के रूप में इमरान ताहिर और रवींद्र जडेजा होंगे।

IPL में चेन्नई का प्रदर्शन

इतिहास की दूसरी सबसे सफल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स है, जिसने तीन खिताब अब तक जीते हैं और सबसे ज्यादा बार फाइनल खेलने का रिकॉर्ड भी सीएसके के नाम है। सीएसके ने 2010 और 2011 के बाद 2018 में खिताब जीता था। दो साल के बैन के बाद लौटी सीएसके ने खिताबी जीत हासिल की थी और फिर 2019 का फाइनल खेला था, जिसे एक रन से गंवा दिया था। 2020 के सीजन में टीम प्लेऑफ तक नहीं पहुंच पाई थी।

कप्तानी वाली टीम की ताकत ज्यादातर मौकों पर मध्य क्रम रहा है, लेकिन पिछले साल टीम को मिडिल ऑर्डर का साथ नहीं मिला था। यहां तक कि ओपनिंग भी ज्यादा कारगर साबित नहीं हुई थी, लेकिन इस बार सुरेश रैना, रोबिन उथप्पा और ड्वेन ब्रावो के पूरी तरह फिट होकर लौटने से टीम को मजबूती मिलेगी। खुद कप्तान धौनी भी मिडिल ऑर्डर में टीम के लिए खड़े होंगे। ऐसे में ये ताकत मैच फिनिश करने के लिए काम आएगी

सीएसके की कमजोरी

दीपक चाहर, लुंगी नगिदी, शार्दुल ठाकुर, सैम कुर्रन और ड्वेन ब्रावो हैं, लेकिन डेथ ओवर्स की समस्या अभी भी दिखाई पड़ती है। हालांकि, ब्रावो को थोड़ा अनुभव है, लेकिन बाकी सभी खिलाड़ी अभी अच्छी तरह से डेथ ओवर्स के दबाव को झेलने में सक्षम दिखाई नहीं पड़ते हैं। स्पिनर के तौर पर टीम के पास इमरान ताहिर, रवींद्र जडेजा और मिचेल सैंटनर के रूप में अनुभवी खिलाड़ी हैं।

Share this story