Wednesday, December 8, 2021 at 2:51 PM

हड़ताल रहने से गंदगी से पटी गलियां

फतेहपुर । बुधवार को नगर पालिका दफ्तर में लिपिक और नियमित तथा संविदा कर्मी मांगों के समर्थन में कार्य बहिष्कार किया। लिपिक और सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। हलांकि जिला प्रशासन की सख्ती के बाद निविदा पर रखे गए दो सैकड़ा सफाई कर्मियों को काम में उतारा गया है। इन कर्मियों का दिन मुख्य सड़कों के कूड़ा डंपिग स्थान से कूड़ा उठाने में ही निपट गया। गलियों में पसरी गंदगी लोगों को परेशान करती रही।

स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में जिलाध्यक्ष क्रमश: राजू और राम सिंह की अगुवाई में विरोध करते हुए कर्मचारी हड़ताल पर रहे। आरोप लगाया कि पुलिस ने चेयरमैन के आवास से लिपिक मोहम्मद आकिब को दबोचा जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। जिला अस्पताल के बाद उन्हें कानपुर शिफ्ट करना पड़ा। संगठन की मांग है कि दोषी पुलिस जनों पर कार्रवाई की जाए। घटना के दूसरे दिन पुलिस द्वारा लिपिक पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस किए जाएं। जब तक दोनों मांगे नहीं मानी जाती हैं तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस मौके पर दिलशाद अली, नफीस अहमद, जितेंद्र सेठ, सैफुल इस्लाम, गुलाब सिंह, मो. हबीब, रामदीन, कमल बिहारी, मो. लइक, मो. जाहिद, मो. सलीम अनवर, गजंफर, बिरजू, विजय, आरती सिंह आदि रहे हैं।

हड़ताल की कमर तोड़ने के लिए प्रशासन ने अब संविदा सफाई कर्मियों को निशाने पर लिया है। सफाई जैसी भूलभूत जरूरतों में असहयोग का रवैया अपनाए जाने का आरोप दिखाकर नौकरी से छुट्टी करने की कार्रवाई चल पड़ी है। प्रशासन इस काम में सफल हो जाता है तो सफाई विग से 147 कर्मचारी टूट जाएंगे और नियमित के 123 कर्मचारी ही रह जाएंगे। निविदा और संविदा की संख्या 347 से सफाई व्यवस्था मजबूत हो जाएगी। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मीरा सिंह ने कहाकि सफाई कर्मियों और लिपिकों की हड़ताल के बीच साफ सफाई के लिए रास्ता निकाला गया है। निविदा के आधार पर रखे गए दो सैकड़ा सफाई कर्मियों को बुलाकर फील्ड में उतारा गया है। सफाई निरीक्षक राकेश कुमार गौड़ को जिम्मेदारी देकर डंपिग स्थलों से कूड़ा उठान और सफाई कराने का जिम्मा दिया गया है। भ्रमण करके शहर को साफ सुथरा रखने के प्रयासों का अपडेट देंगे।