एआरटीओ की सांठगांठ से चल रहीं दसकों पुरानी गाड़ियां

थोड़ी सी कमी पर नयी-नयी गाड़ियों का होता चालान
दसकों पुरानी गाड़ियों पर एआरटीओ क्यों है महरबान

बिलग्राम हरदोई।जिले में एआरटीओ की सांठगांठ से बाबा आदम के जमाने की गाड़ियां सड़क पर धर्राटे काट रहीं हैं जिनके न तो फिटनेस न ही बीमा हैं। फिर भी शान से रोड पर दौड़ रही हैं मजाल है की एआरटीओ साहब इन गाड़ियों की तरफ नजर भर के देख भी लें आये दिन ऐसी पुरानी गाड़ियों से एक्सीडेंट होने की सूचनाएं मिलती रहती हैं अभी हाल ही में हरपालपुर क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा हुआ था जिसमें डंफर से एक जेएसए टेंपो टकरा गया था और उसमें कयी लोगों की जान चली गई थी जब खबरें प्रकाशित हुईं और एआरटीओ पर दबाव पड़ने लगा तो आनन फानन में एआरटीओ दयाशकंर ने साल दो साल पुरानी बजाज और टीवीएस की सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों का चालान काट कर खानापूर्ति की लेकिन दसकों पुरानी गाड़ियों को छेड़ना मुनासिब नहीं समझा, लोगों का कहना है कि जिन आटो रिक्शों का चालान काटा गया उनमें अधिकतर लोन की गाड़ियां थी जिनकी अभी तक किस्तें पूरी नहीं हो सकी हैं। पेट्रोल डीजल की महगाई के कारण आटो चालकों को इतना भी नहीं बचता है कि वो समय से अपनी ईएमआई जमा कर सकें बहुतों ने तो अपनी गाड़ियां फाईनेंस कंपनी के हवाले कर कहा कि इसे बेच कर अपना पैसा अदा कर लें कुछ लोग जो नहीं जमा कर पाये हैं उन्होंने दिन रात मेहनत कर गाड़ियों की किस्तें अदा करने में लगे हुए हैं ऐसे में उनका भारी भरकम चालान एआरटीओ के द्वारा करना आटो चालकों के लिए बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। छोटेलाल निवासी बरंडारी सांडी ने बताया कि मैने बजाज कंपनी के द्वारा कस्टमर से खींची गयी गाड़ी को पचास हजार नगद तथा बाकी किस्तों के आधार पर लिया था ताकि उसे चलाकर अपने घर का खर्च चलाएंगे लेकिन बुधवार 12 तारीख को जब छोटेलाल घर से निकला तो उसी वक्त एआरटीओ दयाशकंर आ धमके और बीमा होने के बावजूद खाली गाड़ी का एआरटीओ ने इक्कीस हजार का चालान काट दिया और गाड़ी को हरपालपुर थाने में जमा कर दिया छोटेलाल का कहना है कि मेरे पास किस्तें अदा करने के तो पैसे हैं नहीं ऐसे में इक्कीस हजार का भारी भरकम चालान कैसे भरूंगा।

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