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Saturday, October 16, 2021 at 12:08 PM

ठेकेदार को चार-पांच स्थानों पर पुतले बनाने का ठेका मिला

बागपत।  हरियाणा व दिल्ली से इस बार मांग आई, मगर सभी छोटे पुतलों की है। कारीगर छोटे आर्डर को पूरा करने में लगे हैं। दोघट कस्बे में रहने वाले नफीस, आफताब, रिजवान, इंतजार, मुरसलीम, मौहम्मद अली, शहीद, शाहरुख आदि अधिकांश लोग दशहरा पर्व के लिए राम, रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ आदि के पुतले बनाने का कार्य करते हैं, जो हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, यूपी आदि प्रांतों के गुड़गांव, पानीपत, नरेला, बीकानेर, मेरठ, गाजियाबाद आदि शहरों में पुतले बनाते रहे हैं। इस बार कोरोना काल के कारण किसी भी जगह से इन कारीगरों पर पुतले बनाने का कोई ठेका नहीं आया है, जबकि पहले एक ठेकेदार को चार-पांच स्थानों पर पुतले बनाने का ठेका मिल जाया करता था। कारीगर मुरसलीम ने बताया की उसके पास दो दिन पहले पानीपत से एक छोटा ठेका आया है, जिसमें रावण आदि के 20 फीट ऊंचे पुतलों बनाने का आर्डर हैं, जिन्हें वह कारीगर रणसिंह, अंकित आदि के साथ खुद तैयार करा रहा है। मात्र 35 हजार रुपये में ठेका मिला है, जिसमें 10-12 हजार रुपये बच जाएंगे। इसी तरह सईद को पानीपत, इंतजार को दिल्ली, महबूब को कुरूक्षेत्र में छोटे पुतलों का अर्जेंट ठेका मिला है।

दोघट के कारीगर पुतला बनाने में खासे ट्रेंड हैं। इनसे पुतले बनवाने के लिए दशहरा से तीन माह पूर्व आर्डर आने शुरू हो जाते थे, जिनकी रकम भी एडवांस में मिलती थी। एक-एक कारीगर के पास 10-12 तक ठेके आ जाते थे। जिनके लिए वह अतिरिक्त कारीगर लगाकर एक साथ कई-कई स्थानों पर कार्य करते थे।

दोघट निवासी मुरसलीम का कहना है कि एक ठेके में उन्हें 60 से 70 हजार रुपए बच जाते थे, जिनमें उनके कारीगर भी शामिल रहते थे। इस बार एक छोटा ठेका मात्र 35 हजार में मिला है। जिसमें से बचत के नाम पर सिर्फ मजदूरी ही निकल पाएगी।

महंगाई के जमाने में मजदूरी न मिलना बड़ी समस्या बन जाता है। पुतले बनाने से उन्हें करीब चार पांच माह का घर खर्च निकल जाता था। अब परेशानी झेलनी पड़ रही है। अंकित कारीगर ने बताया की दशहरा आने का इंतजार करते रहते थे। दशहरा से उनके घर रोशन होते रहे है, लेकिन पुतलों के ठेके न मिलने से दिक्कत आ रही है।

पुलिस के मुताबिक जनपद में रावण पुतला दहन सात स्थानों पर होगा। इनमें बागपत नगर, कस्बा बड़ौत, खेकड़ा, रटौल, ग्राम बिनौली, मीतली, ललियाना शामिल है। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने की तैयारी शुरू कर दी है।