Thursday, September 23, 2021 at 5:18 AM

सीएम का वरिष्ठ अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर भेजने के फैसले का दिखने लगा असर…

मऊ: यूपी के मुख्यमंत्री द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को तमाम जिलों में ग्राउंड जीरो पर भेजने के फैसले का असर दिखने लगा है। मऊ पहुंचे प्रमुख सचिव जिले के नोडल अधिकारी मुकेश कुमार मेश्राम ने यहां गौशाला निर्माण में खराब सामग्री के इस्तेमाल को पकड़ा है। मामले में मुकेश मेश्राम ने विभाग के प्रोजेक्ट मैनेजर और ठेकेदार से रिकवरी का आदेश जारी कर दिया है। ये गो आश्रय स्थल एक करोड़ 20 लाख की लागत से बना है। प्रमुख सचिव के आदेश पर तत्काल ठेकेदार को हिरासत में ले लिया गया है। तीन दिवसीय दौर के आखिरी दिन प्रमुख सचिव ने परदहा ब्लाक के पिजड़ा गांव में निरीक्षण किया, जहां गंभीर कमियां पाई गईं। मुकेश मेश्राम मंगलवार ने परदहा ब्लाक के पिजड़ा गांव में गो आश्रय का आकस्मिक निरीक्षण किया तो मौके पर बड़ी खामियां मिलीं। निर्माण में घटिया सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है।

इसके बाद प्रमुख सचिव ने निर्माणकर्ता प्रोजेक्ट मैनेजर और ठेकेदार से रिकवरी का आदेश जारी कर दिया। साथ ही 1 सप्ताह के अंदर पशुओं के रखने का समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुख्य पशु चिकित्सक को आदेशित किया। प्रमुख सचिव के साथ जनपद के मुख्य विकास अधिकारी व अपर जिलाधिकारी संग के संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे।

नोडल अधिकारी ने भवन निर्माण से असंतोष व्यक्त किया। निर्माण कार्य का मुआयना करते हुए प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम इस्तेमाल हुए घटिया सामग्रियों पर प्रोजेक्ट मैनेजर व ठेकेदार पर भड़क गए। उन्होंने ठेकेदार से 1 दिन के अंदर 25 लाख रुपए सरकारी खाता में जमा करने का निर्देश जारी किया। साथ ही कहा कि धनराशि जमा नहीं करने पर एफआईआर दर्ज की जाए। मौके से ही प्रमुख सचिव ने ठेकेदार को पुलिस हिरासत में भेज दिया।

मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि बहुत ही घटिया क्वालिटी का सामग्री लगाया गया है। 25 परसेंट रिकवरी का आदेश जारी किया है। साथ ही मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को आदेशित किया है कि 1 सप्ताह के अंदर पशुओं को रखने के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। आम नागरिकों में लगातार हो रहे इस तरह की कार्रवाई से जनता में चर्चा का विषय बना है।

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