Wednesday, December 8, 2021 at 4:08 PM

मिस्टर इंडिया में अनिल और श्रीदेवी की जोड़ी ने रच दिया था इतिहास फिल्म हो गई थी सुपर हिट, मोगेम्बों खुश हुआ ने फिल्म को बना दिया यादगार

दोरूतों आप को पता है मिस्टर इंडिया फिल्म अपने समय की सुपर -डुपर हिट फिल्म थी। अनिल कपूर और श्रीदेवी ने अपनी अदाकारी से फिल्म को नई उड़ान दिया था। फिल्म इस प्रकार थी अरुण वर्मा अनिल कपूर एक अनाथ है, जो अपने एक पुराने घर में दर्जन भर अनाथ बच्चों के साथ रहता है और उनकी देख रेख करता है। खाना बनाने और उनकी देखरेख करने में उसका साथ केलेंडर सतीश कौशिक भी देता है। अरुण अपना सारा राशन का सामान रूपचंद  हरीश पटेल की किराना दुकान से लाता है, पर वहाँ काफी उधार ले चुका रहता है, और साथ ही उसके घर का कई महीनों का किराया उसके घर के मालिक, माणिकलाल युनूस परवेज को देना भी बचा हुआ है।

पैसों की समस्या से परेशान अरुण अपने घर का पहला मंजिÞल किराये में देने की सोचता है और अखबार में विज्ञापन दे देता है। उस विज्ञापन को देख कर सीमा सोनी  रहने आ जाती है। सीमा पेशे से एक पत्रकार है, जो रहने के लिए एक शांत जगह खोज रही होती है।  किराये के पैसे देने के बाद उसे पता चलता है कि उस घर में ढेर सारे बच्चे रहते हैं, और इस बात पर उसकी अरुण के साथ बहस भी होती है, पर बाद में सब उसके दोस्त बन जाते हैं। एक दिन अरुण को उसके पिता के दोस्त, डॉ. सिन्हा अशोक कुमार का खत मिलता है जिसमें उसके पिता के द्वारा बनाए गैजेट का जिक्र रहता है। वो जुगल के साथ उनके घर जाता है। उसे घर में एक गैजेट मिलता है। उसे पता चलता है कि वो उस गैजेट की मदद से गायब हो सकता है, बस उस गैजेट से वो लाल रोशनी में ही दिखाई दे सकता है। वे दोनों इसे सभी से छुपाकर रखने का फैसला करते हैं।

मोगेम्बो उस गैजेट को पाने के लिए मिस्टर इंडिया की पहचान बताने को कहता है और अनिल के दो बच्चों को तेजाब में डालने की धमकी देता है। जिससे अनिल कपूर मान लेता है कि वह ही  मिस्टर इंडिया है। वहीं मोगेम्बो पूरे भारत को तबाह करने के लिए चार मिसाइल दागने की तैयारी करता है। अरुण को जब ये पता चलता है तब उसका और मोगेम्बो के बीच लड़ाई शुरू हो जाती है। अरुण को पता चलता है कि मिसाइल को निष्क्रिय नहीं किया जा सकता, तो वो मिसाइल का रुख बदल कर मोगेम्बो के अड्डे को निशाना बना लेता है। अरुण और उसके सभी साथी उसके अड्डे से बाहर आ जाते हैं और मोगेम्बो अपने अड्डे के साथ ही विस्फोट में मारा जाता है। इसी के साथ कहानी समाप्त हो जाती है। इस फिल्म के गाने बहुत ही खूबसूरत हैं। श्रीदेवी का डांस मैं ख्वाबों क ी शहजादी बहुत ही उमदा है। इस फिल्म के डायलॉग मोगेम्बों खुश हुआ आज भी लोग याद किये हुए हैं।