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पूर्व MLA की मुश्किलें बढ़ी, कार्यवाही की लटकी तलवार

सोनभद्र। दुद्धी की पूर्व विधायक MLA व भाजपा नेत्री रूबी प्रसाद के कथित फर्जी अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र मामले में मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी द्वारा माह भर पूर्व पूर्व विधायक MLA रूबी प्रसाद के जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताए जाने के बाद जहां शासन से डीएम को प्रमाण पत्र निरस्त कर संबंधित तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल के साथ ही पूर्व विधायक MLA के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं।

जिसके बाद विधायक MLA रूबी प्रसाद ने रक विज्ञप्ति जारी कर इसे साजिश बताया था और हाईकोर्ट का स्टे होने की बात कही थी । लेकिन गुरुवार को जिलाधिकारी के व्हाट्सएप ग्रुप में भेजे गए एक पत्र में पूर्व विधायक MLA की पेंशन के मामले में विशेष सचिव रजनीश चंद्र की ओर प्रमुख सचिव विधानसभा सचिवालय को अग्रेतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं पूर्व विधायक MLA के खेमे की तरफ से उच्च न्यायालय से राहत मिलने के किए जा रहे दावे के बीच शासन की तरफ से मामले में शुरू की गई बड़ी कार्रवाई ने हड़कंप की स्थिति उत्पन्न कर दी है।

बताते चलें कि एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान की तरफ से गत एक फरवरी को शासन में शिकायत की गई थी कि अभिलेखों में धोखाधड़ी करके रूबी प्रसाद पुत्री सुबोध सिंह निवासी वसुदेवा, समस्तीपुर-बिहार ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया है।

इसको लेकर राज्य स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की तरफ से मामले की सुनवाई और जांच प्रक्रिया अपनाई गई। 18 अप्रैल को कमेटी की हुई आखिरी बैठक में प्रमाण पत्र को फर्जी करार दिया गया। जिस पर जिलाधिकारी को फर्जी जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले सम्बंधित तहसीलदार, कानूनगो व लेखपाल सहित पूर्व विधायक MLA के विरुद्ध कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया था।

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लेकिन पूर्व विधायक रूबी प्रसाद ने राज्य स्तरीय स्कूटनी कमेटी के निर्णय और उसके आधार पर दिए गए निर्देश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। जिस पर गत 9 जून को इस पर मामले की सुनवाई कर रही बेंच ने पक्षकारों को नोटिस जारी करने के साथ ही सुनवाई की अगली तिथि 11 जुलाई मुकर्रर करते हुए तब तक के लिए संबंधित आदेश पर दंडात्मक कार्यवाही पर रोक लगा दिया। लेकिन आज पूर्व विधायक की पेंशन के मामले में विशेष सचिव रजनीश चंद्र की ओर प्रमुख सचिव विधानसभा सचिवालय को अग्रेतर कार्रवाई के निर्देश देने संबंधी पत्र के बाद हड़कम्प की स्थिति उत्पन्न हो गयी है।