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Saturday, October 16, 2021 at 3:59 AM

दुर्गा और काली मंदिरों में मंगलवार शाम श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी

अंबेडकरनगर । शहर से गांव तक स्थापित पूजा पंडालों में उमड़े श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में सिर झुकाया और उनसे अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। कई पंडालों में रातभर भजन, जागरण और कीर्तन होते रहे। इससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय रहा। जिला मुख्यालय स्थित अकबरपुर में दुर्गा और काली मंदिरों में मंगलवार शाम श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी। कोरोना संक्रमण के चलते श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर एक-एक कर पूजा अर्चना की और इस दौरान शारीरिक दूरी का काफी हद तक ख्याल रखा। मंदिर प्रशासन भी कोविड-19 संबंधी गाइडलाइन का पालन कराने के लिए मुस्तैद रहा। शहजादपुर, पुरानी तहसील, अयोध्या रोड, फव्वारा तिराहा, नई सड़क, पहितीपुर तिराहा, मालीपुर रोड, दोस्तपुर रोड आदि स्थानों पर मां दुर्गा के भव्य पंडाल बनाए गए हैं और भक्तजनों को लिए पट भी खोल दिया गया है।

नवरात्र में भक्त विधि-विधान से माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। इसमें मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की उपासना शनिवार को होगी। आज बहुत सारे वे श्रद्धालु भी व्रत रखेंगे, जो नवरात्र की स्थापना और अष्टमी को व्रत रखते हैं। नौ दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु कल हवन-पूजन कर कन्याओं को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लेंगे। भक्तजन आज महागौरी की करेंगे आराधना : नवरात्र के आठवें दिन बुधवार को भक्त मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की आराधना करेंगे। पंडित आत्माराम तिवारी ने बताया कि अष्टवर्षा भवेद् गौरी यानी इनकी आयु आठ साल मानी गई है। इनके सभी आभूषण और वस्त्र सफेद हैं। इसीलिए उन्हें श्वेतांबरधरा कहा गया है। इनकी चार भुजाएं हैं और वाहन वृषभ है, इसीलिए वृषारूढ़ा भी कहा गया है। इनकी पूरी मुद्रा बहुत शांत है। पति रूप में शिव को प्राप्त करने के लिए महागौरी ने कठोर तपस्या की थी। इसी वजह से इनका शरीर काला पड़ गया, लेकिन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने इनके शरीर को गंगा के पवित्र जल से धोकर कांतिमय बना दिया।