Wednesday, December 8, 2021 at 2:20 PM

करोड़ों के जुर्माने की न हुई वसूली और न ही हुआ बेदखली के आदेशों का अनुपालन

भू-माफिया व बिल्डर तालाबों को पाटकर उनकी कब्र पर आलीशान इमारतें खड़ी कर रहे हैं कंक्रीट के जंगल को दे रहे विस्तार
राम मोहन गुप्ता,
   लखनऊ:बीकेटी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत जानकीपुरम प्रथम वार्ड के मड़ियांव गांव में सुरक्षित सरकारी भूमियों पर सुविधाशुल्क लेकर अतिक्रमण करवाने में नगर निगम के लेखपाल, राजस्व निरीक्षक व तहसीलदार सहित अन्य कई कर्मचारी व अधिकारी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।जानकीपुरम प्रथम वार्ड में ही कई सुरक्षित सरकारी जमीनों पर से अतिक्रमण हटाने के लिए करोड़ों रुपये का जुर्माना एवं बेदखली के आदेश भी हुए लेकिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते वर्ष 2007 से अब तक न तो करोड़ों रुपये के जुर्माने की वसूली हो पायी है और न ही जमीनों पर से अवैध कब्जे नहीं हट पायें हैं।मड़ियांव गांव में ही नाला, बंजर व चकमार्ग की गाटा संख्या-1228,1240,1111,1113 व 1244 स ,1234 व 219 पर असद अहमद द्वारा अवैध निर्माण कार्य कराकर अवैध कब्जा किया गया है।जिसपर तहसीलदार बीकेटी के न्यायालय में 18 अक्टूबर वर्ष 2007 में असद अहमद पर 3 करोड़ 19 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना एवं उक्त भूमि पर से बेदखली के आदेश हुए।इसी तरह वर्ष 2007 से अब तक तहसीलदार न्यायालय में जमींदारी भूमि विनाश  अधिनियम की धारा(132) से आच्छादित तालाब, खाद गड्ढे, श्मशान, चरागाह आदि जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को लेकर हुई विभागीय कार्रवाई में तमाम वाद दायर हुए और अवैध कब्जेदारों के खिलाफ जुर्माना एवं बेदखली के आदेश भी हुए।लेकिन उक्त मामलों में आज तक  तहसील एवं जिला प्रशासन द्वारा जुर्माना एवं बेदखली की मात्र कागज़ी खानापूर्ति के अलावा आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।जिससे एक तरफ जहां सरकार को कई करोड़ के राजस्व को चूना लग रहा है।तो वहीं दूसरी तरफ प्रशासन द्वारा जुर्माना एवं बेदखली के आदेशों का अनुपालन न कराने से भूमाफियाओं के हौसलें बुलंद हैं और कार्रवाई के बाद भी भूमाफिया उसी ज़मीनों पर लगातार काबिज़ हैं।वहीं मड़ियांव गांव में ही तालाब खसरा संख्या 261 स रकबा 0.643 हेक्टेयर भूमि पर मकान बनाकर बेंच दिया गया व तालाब खसरा संख्या 480 रकबा 0.417 हेक्टेयर पर कुछ हिस्से पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग कर बेंच दिया गया।