Telangana

Telangana में भाजपा की धमक से TRS परेशान?

नई दिल्ली गृह मंत्री अमित शाह के Telangana तेलंगाना दौरे से पहले राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बेटे केटी रामा राव (केटीआर) ने भाजपा पर राज्य के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। उन्होंने गृह मंत्री से 27 सवाल पूछे हैं। तेलंगाना राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने पत्र में भाजपा पर तेलंगाना में लोगों के बीच नफरत फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने तेलंगाना से किया एक भी वादा पूरा नहीं किया बल्कि गुजरात जैसे बीजेपी शासित राज्यों की हर जरूरत को युद्ध स्तर पर पूरा किया।

केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा Telangana  तेलंगाना के साथ सौतेले व्यवहार पर भाजपा नेता से 27 सवाल किए और उन्हें चुनौती दी कि अगर वह वास्तव में तेलंगाना के प्रति ईमानदार हैं तो जनसभा में अपने भाषण के दौरान उनका जवाब दें। उन्होंने कहा, “हम तेलंगाना के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ेंगे और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत अपने उचित हिस्से की मांग करेंगे।”

तेलंगाना के नेता के 27 प्रश्नों में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत किए गए वादों की भाजपा की अनदेखी, तेलंगाना में केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान/मेडिकल कॉलेज की अनुपलब्धता और दिवंगत भाजपा नेता सुषमा स्वराज द्वारा एक सिंचाई परियोजना को राष्ट्रीय दर्जा देने के चुनावी वादे के लंबित वादे जैसे विषय शामिल थे।

केटीआर ने अमित शाह से पिछले आठ वर्षों में तेलंगाना को केंद्र निधि के आवंटन के बारे में भी पूछा। केटीआर के खुले पत्र पर न अमित शाह और न ही उनकी पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है।

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आपको बता दें कि अमित शाह राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला (एनसीएफएल) का उद्घाटन करेंगे और राज्य की अपनी एक दिवसीय यात्रा में तेलंगाना में भाजपा की महीने भर चलने वाली ‘प्रजा संग्राम यात्रा’ चरण -2 के समापन दिन एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘प्रजा संग्राम यात्रा’ का दूसरा चरण पिछले महीने डॉ बीआर अंबेडकर जयंती के अवसर पर शुरू हुआ था। यात्रा का पहला चरण 36 दिनों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें पिछले साल आठ जिलों में 19 विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया था, जो हैदराबाद से शुरू होकर रंगारेड्डी, विकाराबाद, संगारेड्डी, मेडक, कामारेड्डी, सिरसिला और सिद्दीपेट तक जाता था। ‘यात्रा’ के जरिए बीजेपी राज्य में पार्टी की ताकत का परिचय देती रही है।

दक्षिण में कर्नाटक के बाद तेलंगाना पर नजर
दक्षिण भारत में भाजपा अभी कर्नाटक में सत्ता में है और केवल यही एक प्रदेश है जो उसका बड़ा आधार भी है। दक्षिण के अन्य राज्यों में वह काफी कोशिश करने के बाद भी अपनी जड़े नहीं जमा पाई है, लेकिन बीते पांच साल में तेलंगाना में उसने अपना काफी प्रसार किया है। राज्य में उसके चार लोकसभा सांसद 2019 के चुनाव में जीते थे और उसके बाद स्थानीय निकाय और विधानसभा के उपचुनाव में भी उसे खासी सफलता मिली है।