तालाब का भीटा ढहने से दो महिलाओं की दबकर मौत

भदोही। सूचना के तीन घंटे बाद पहुंची पुलिस ने पंचनामा कर शव को स्वजन को सौंप दिया। अकोढ़ा गांव निवासी लालमणि पाल की पत्नी जड़ावती (35) और राजेंद्र पाल की पत्नी सरोजा (33) रिश्ते में देवरानी- जेठानी थी। शनिवार को दोनों घर में चूल्हा बनाने के लिए अपने नौ वर्षीय बेटे अमन पाल के साथ दशरथपुर गांव में स्थित तालाब के भीटा से मिट्टी निकाले गई थीं। भीटा से मिट्टी निकाल रही थीं कि इसी बीच पूरा भीटा भरभराकर गिर गया और दोनों महिलाएं उसके नीचे दब गई।

बाहर खड़े अमन द्वारा शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंच गए। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाले। इसके पश्चात वहिदनगर स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए। हालत गंभीर देख डाक्टरों ने सरकारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। स्वजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीगंज लेकर पहुंचे जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। एक ही परिवार में दो महिलाओं की मौत होने से कोहराम मच गया। थानाध्यक्ष पूजा कौर ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। बताया कि स्वजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं थे। इसलिए शव का पंचनामा कराकर स्वजनों को सौंप दिया गया है। ग्राम प्रधान दिनेश शुक्ला ने विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया है कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। मृतक जड़ावती देवी के राजकुमार, राधेश्याम और तीन पुत्री खुशबू, कुसुम पुत्री हैं जबकि सरोजा तीन बच्चे हैं। एक ही परिवार के दो शव यात्रा निकलते ही पाल बस्ती के लोगों की आंखे नम हो गईं। लोगों का कहना था कि बच्चे अनाथ हो गए। बच्चे भी शव से चिपककर रो रहे थे।

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