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ब्राह्मण बंधुआ मजदूर नहीं: जद यू

Jdu
बसपा की कथनी-करनी में अंतर: प्रो. त्रिपाठी
लखनऊ। जनता दल यू ने मायावती के ब्राह्मण प्रेम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ब्राह्मण बंधुआ मजदूर नहीं है जब चाहिए उसे अड्डे पर बुला लिया। यूपी जद यू नेता का कहना रहा कि मायावती की पार्टी का एक समय इसी कुछ प्रमुख सर्वण जातियों के खिलाफ एक नारा चला था जिससे खासकर ब्राह्मण आहत हुआ था। और इसके चलते समाज की समरसता छिन्न-भिन्न हो गई थी जिसकी भरपाई आज तक नहीं हो पाई। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता प्रोफेसर केके त्रिपाठी ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि बसपा जोड़-तोड़ कर सत्ता में आई लेकिन दोनों हाथों से जनता की गाढ़ी कमाई को लूटा ब्राह्मणों पर एससी एसटी एक्ट लगा कर प्रताड़ित किया जा रहा था। आगे कहा कि ब्राह्मणों के घाव पर मरहम लगाए गये। बसपा जातीय पार्टी है जो सिर्फ जात-बिरादरी की बात करती है। कहा कि इनकी नीति में रोजगार स्वास्थ्य शिक्षा कानून व्यवस्था के लिए कोई जगह नहीं है। विगत विधानसभा चुनाव में जनता ने इनको आईना दिखाया था। बसपा ने सत्ता में आम ब्राम्हण को ना तो रोजगार और ना तो सम्मान दिया बल्कि उसे दोयम दर्जे पर ढकेल कर गगनचुंबी स्मारकों का निर्माण कराया। जनता के धन को दोनों हाथों से लूटा। जनता दल यू के प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह पटेल ने कहा कि मायावती कभी सर्व समाज की बात करेंगी तो कभी ब्राह्मणों को लुभाने की कोशिश करेंगी। उन्होंने कहा कि सत्ता हथियाने के बाद जनता के धन को लूटते हैं उनकी कथनी और करनी में बहुत अंतर है। प्रोफेसर के के त्रिपाठी ने कहा कि बसपा महासचिव वरिष्ठ अधिवक्ता हैं ऐसे में उन्होंने ब्राह्मण के उत्थान के लिए कौन सा कानून बनवाया जो उन्हें नेता मान लें। उन्होंने आगे कहा कि सत्ता में आने के बाद अपने रिश्तेदारों को मंत्री तथा बड़े-बड़े पदों पर बिठाने का काम किया। 

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