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‘‘बडे़ गौर से सुन रहा था जमाना तुम्ही सो गये दास्तां कहते-कहते’’

‘‘बडे़ गौर से सुन रहा था जमाना तुम्ही सो गये दास्तां कहते-कहते’’
डाॅ हौसिला के असामयिक मौत पर आदर्श जन चेतना समिति ने आयोजित की बेविनार
तरूण मित्र न्यूज 
ब्यूरो कार्यालय चकिया।
पूर्वाचल काव्य साहित्य कि एक ऐसी आवाज जिसे जमाना बड़ी शिद्दत से सुन रहा था जो अचानक मंगलवार की शाम खामोश हो गयी। किसी ने ठीक ही कहा है- ‘‘बडे़ गौर से सुन रहा था जमाना तुम्ही सो गये दास्तां कहते-कहते।।’’ इसी उद्गार और बोझिल मन से बुध्दवार को आदर्श जन चेतना समिति उत्तर प्रदेश के प्रधान कार्यालय पर आयोजित श्रध्दाजंलि बेवीनार सभा की सदाकत करते हुए आदर्श जन चेतना समिति के प्रबन्धक के,सी श्रीवास्तव एड0 ने दिवंगत क्षेत्र के प्रख्यात गीतकार,संगीतकार,पत्रकार व आमजन में लोकप्रिय प्रतिभा सम्पन्न प्रतिष्ठित डाॅं हौसिला प्रसाद द्विवेदी के कृतित्व व ब्यक्तिव पर प्रकाश डालते हुए उन्हे एक ऐसा रचनाकार बताया जो श्रंृगार रस से सराबोर रचनाओं के माध्यम से बड़ी - बड़ी बात कह जाते थे। उन्होने कहा डाॅ साहब का चले जाना हम सभी को भौचक कर दिया है। डाॅं साहब हमारे संरक्षक रहे और उनकी असामयिक और आकस्मिक मौत से जैसे हमलोगो के सर से गार्जियन का साया हट सा गया। जिसकी पूर्ति हो पाना सम्भव नही है। इनकी मौत से समाज को काफी छति पहुॅची है। इनकी कई पुंस्तके समाज में इनकी छवि बया कर रही हेै। समिति के अध्यक्ष शंम्भू नाथ सिंह एड0 ने कहाॅ कि‘‘ ना चिठ्ठी ना कोई संदेश ना जाने कौन से ऐसा देश जहा तुम चले गये’’ वही रेलवे के राज भाषा अधिकारी दिनेश चन्द्रा ने कहा‘‘ न जी भर के देखा न कुछ बात की’’ बड़ी आरजू थी मुलाकात की’’। आकस्मिक मौत से सभी वर्ग के लोगो में शोक की लहर दौड़ गई। बता दे  कि डाॅं हौसिला सभी वर्ग के लोगो में अति लोकप्रिय रहेे। इस दौरान राजकुमार जायसवाल,उमाशंकर सिंह एड0,अशोक द्विवेदी,तरूण कान्त,प्रदीप उपाध्याय, परविद्र केशरी,नेहालुद्दीन, आफताब आलम, कमलेश सिंह, के सी मिश्रा,गुड्डू सिंह ,अनिल द्विवेदी,रामयश चैबे,शाकिब सहित कई पत्रकार मौजूद रहे। 

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