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Today's Paper

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चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडे अपना रहे प्रत्याशी !

जौनपुर- सुजानगंज ब्लॉक स्थित 98 ग्राम सभाओं मे प्रत्याशियों का चुनाव चिन्ह आवंटन होने के पश्चात प्रत्याशी चुनाव प्रचार में लग गए वहीं ग्रामीण मतदाता प्रत्याशियों के क्रियाकलापों का आकलन करते हुए हिसाब मांगने से नहीं चूक रहे। प्रत्याशियों द्वारा प्रचार के दौरान ग्रामीण मतदाताओं को लुभाने के लिए वो हर हथकंडे अपना रहे जिससे मतदाता संतुष्ट हो। पंचायत चुनाव में इस बार फिर मिला है मौका, सही लेना फैसला मतदाताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित और चर्चा में बने रहने के लिए हर स्तर पर उतर आए हैं। इसके लिए वो अपनी पसंद और नापसंद का भी ख्याल नहीं कर रहे हैं। जी हां इस समय दिन में वोट कि सेटिंग और रात में दावत का भी दौर खूब चल रहा है। गांवों में कहीं भी कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन होता नजर नही आ रहा। ऐसे में सभी लोगो की की जिम्मेदारियां बढ़ जाती है।क्योंकि विकास के लिए सही प्रत्याशी का चुनाव करना किसी चुनौती से कम नहीं। वजह इस फैसले के पीछे निजी स्वार्थ और अपने जातियों का दबाव भी आड़े आने लगता है, ऐसे में हम कई बार गलत फैसले ले लेते हैं, जिसका पछतावा पूरे पांच साल तक करना पड़ता है।इस चुनाव में ज्यादा दिखा रहे रूचि न चाहते हुए भी किसी के पैर छूने पड़े या फिर मन ही मन नापसंद लोगों के दरवाजे पर हाथ जोड़कर खड़े होना पड़े। सब कुछ जायज है और वोट पाने के लिए ऐसे ही हथकंडों में एक हथकंडा परदेसी वोटरों को गांव वापस बुलाने का भी अजमाया जा रहा।जिन्हें भाड़ा किराया सहित प्रत्याशियों द्वारा पूरे खर्चे का वहन करने का वादा किया जा रहा वोटरों को लुभाने के लिए जमीन का पट्टा देने के साथ साथ झूठ का पुलिंदा बांधने से नहीं चूक रहे प्रत्याशियों से मतदाता भी कम नहीं है जितने भी प्रत्याशी मतदाता के पास वोट मांगने जा रहे मतदाता किसी भी प्रत्याशी को निराश नहीं कर रहे सभी प्रत्याशियों को वोटो का आश्वासन देते हुए दारु, मुर्गे के साथ नगदी लेने से नहीं चूक रहे। यहां पर यह कहना गलत नहीं होगा कि "जैसे गाल वैसे तमाचा" मतदाता भोज लेने से बाज नहीं आएंगे प्रत्याशी लाखो रुपया भोज देने के लिए विवश है ऐसे में गांव क्षेत्र का विकास कैसे होगा भगवान ही मालिक है।

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