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आजादी के बाद पहली बार स्वर्ण प्रधान बनीं मीना सिंह

सिंगरामऊ (जौनपुर)| शिक्षा, राजनीति, खेल, व्यवसाय व देश सेवा में अग्रणी रहा बदलापुर विकास खंड का सिंगरामऊ गाँव आजादी के बाद पहली बार अपनी बागडोर किसी सवर्ण महिला को सौंपा है। जिस तरह सिंगरामऊ स्टेट की ख्याति यहां के राजा साहब ने ऐतिहासिक रूप से कायम किया। ठीक वैसे ही इस गांव की जनता ने भी अपना इतिहास बनाने में हमेशा दिलचस्पी दिखाई है। यही कारण रहा कि यहां जीतने वाला प्रधान दोबारा कभी तख्तो ताज नहीं पहन पाता। यहां पूर्व प्रधानों की लंबी फेहरिस्त इसलिए बनती जा रही है। जनता हमेशा सच्चाई से रूबरू कराती है हर उस शख्स को, जो राजनीति की प्रथम पाठशाला में एक बार तो पास हो जाते हैं लेकिन जनता जनार्दन फिर उन्हें मौका नहीं देती। इसके पीछे कोई परंपरा या नियम कानून नहीं है बल्कि यहां के लोगों की एक ऐसी मानसिकता है जो अलग हटकर होती है। जो लड़कर हारा उसका सम्मान तो यहां के लोग बचा देते हैं लेकिन जो जीतने के बाद दोबारा फिर प्रधान बनने की फरियाद जनता से करता है वह उसे एक सिरे से खारिज ही कर देते हैं। विगत ढाई दशक से किंग मेकर की भूमिका में गाँव का उत्तर पट्टी मोहल्ला रहता है। किसे नया प्रधान चुनना है इसकी भूमिका बखूबी अदा करता है। यहां के लोग आजादी के बाद से ही लगातार एकजुट होकर वोट देने का कार्य करते हैं। यहां का दो सौ वोट लोगों के लिए हार या जीत का कारण बनता है। इस बार तो इतिहास बनाते हुए आजादी के बाद पहली बार उत्तरपट्टी की सवर्ण महिला को प्रधान पद पर बैठाया।और अपनी किंग मेकर की भूमिका बरकरार रखी।

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