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शहीद सीओ की शिकायती चिट्ठियों को नजरंदाज करने के प्रकरण में एसआईटी अनंत देव की भी करेगी जांच 

शहीद सीओ की शिकायती चिट्ठियों को नजरंदाज करने के प्रकरण में एसआईटी अनंत देव की भी करेगी जांच 
कानपुर। कानपुर के एसएसपी रहे अनंत देव द्वारा शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र की शिकायती चिट्ठियों को नजरंदाज करने के प्रकरण को भी एसआईटी ने अपनी जांच में शामिल कर लिया है। अब चौबेपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या और विकास दुबे के एनकाउंटर के साथ ही एसआईटी अनंत देव की भी जांच करेगी।
इस बात की पड़ताल की जाएगी कि अनंत देव ने शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की। बता दें आईजी रेंज लखनऊ की जांच में अनंत देव दोषी पाए गए हैं। एसओ के खिलाफ लिखा गया सीओ का पत्र बिकरू गांव की वारदात के बाद  सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें एसओ की विकास दुबे के साथ मिलीगत का आरोप लगाकर कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। तत्कालीन एसएसपी अनंत देव ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। मामले की जांच कर आईजी रेंज लखनऊ लक्ष्मी सिंह ने रिपोर्ट शासन को सौंपी है।
इसमें पत्र को सही बताने के अलावा तीन अन्य मामलों में एसएसपी अनंत देव की गलतियों के साक्ष्य पेश किए हैं। चूंकि मामला जेल भेजे गए पूर्व एसओ विनय तिवारी और विकास दुबे से जुड़ा है। एसओ ने ही विकास पर दर्ज केस से रंगदारी की धारा हटाई थी और अनंत देव ने कार्रवाई नहीं की थी। सूत्रों के अनुसार इसी के चलते अनंत देव का मामला भी इसी जांच में शामिल कर लिया गया है। 31 जुलाई को एसआईटी रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं दो जुलाई को बिकरू गांव में दबिश के दौरान सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में जेल में बंद तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी सवालों के घेरे में है।
स्थानीय अधिकारियों से लेकर पुलिस मुख्यालय तक को सीओ ने लिखा था पत्र 
बताते चले कि,बिकरू गांव में बलिदान हुए सीओ देवेंद्र मिश्र ने चौबेपुर के तत्कालीन एसओ और हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की नजदीकियों की शिकायत एक.दो नहीं बल्कि आठ बार की थी। स्थानीय अधिकारियों से लेकर पुलिस मुख्यालय तक को इस बारे में पत्र लिखे गए, लेकिन नतीजा सिफर रहा। 28 जून को जांच के लिए मुख्यालय की टीम भी आई थी पर एसओ का बयान लेकर बिना सीओ से बात किए लौट गई थी। जांच रिपोर्ट भी अब तक सामने नहीं आई है।

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