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काश, कभी तो पड़ा होता पुलिस से पाला, जो सुनती नही सुनाती है!

काश, कभी तो पड़ा होता पुलिस से पाला, जो सुनती नही सुनाती है!

भोपाल। अगर आपका पुलिस से पाला नही पड़ा है तो आप इस बात को नही मान सकते कि पुलिस सुनती कुछ नही बस कहती है। उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास विकास दुबे के समर्पण करने के दौरान ही लखनऊ के वकील मनोज कुमार यादव की कार खड़ी मिली। कार मालिक मनोज कुमार यादव को उज्जैन पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसने पुलिस के सामने कहा कि उसका विकास से कोई लेना-देना नहीं है। उधर कार का नम्बर यूपी 32 केएस-1104 के आधार पर पड़ताल हुई तो पता इंदिरानगर (सेक्टर 16/294) निकलते ही लखनऊ में हड़कम्प मच गया। आनन फानन एएसपी, एसीपी और चार थानों की फोर्स मनोज के घर पहुंच गई।

मनोज के घर पर उनकी पत्नी अंजू और बच्चे मिले। अंजू ने पुलिस को बताया कि उनके पति दो जुलाई को उज्जैन गए थे। वहां वह अक्सर जाते रहते हैं। इसके बाद पुलिस ने मनोज से भी मोबाइल पर काफी देर तक बात की। मनोज ने बताया कि वह सुबह मंदिर में दर्शन करने के लिये आये थे। उन्होंने मंदिर के बाहर परिसर में किनारे खड़ी कर दी थी। वह हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी गाड़ी की नम्बर प्लेट पर हाईकोर्ट लिखा हुआ था। वह कुछ समझ पाते, तभी पुलिस ने उनकी कार को घेर लिया। फिर कहा जाने लगा कि इसी कार से विकास दुबे मंदिर आया था।

पुलिस ने हिरासत में ले लिया
जैसे ही वह वहां पहुंचे और कहा कि यह कार तो उनकी है। मनोज के मुताबिक तुरन्त ही पुलिस ने उन्हें घेर लिया। फिर उसे वहीं कोतवाली पर ले गये। यहां पर एसपी समेत कई अफसरों ने उनसे बात की। मनोज यही कहते रहे कि उनका काल डिटेल निकलवा लिया जाये। उन्होंने कभी विकास को देखा तक नहीं था। न ही कभी विकास से मोबाइल पर बात ही हुई है। मनोज ने कहा कि वह हर जांच के लिये तैयार है।

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