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वाटर रिचार्जिंग के जरिये जल स्तर में हो सुधार 

10 वर्ग किमी के परिक्षेत्र में बसे नगर पालिका परिषद महराजगंज में 60 हजार से अधिक आबादी निवास करती है। 32 वार्डों के इस शहर से प्रत्येक दिन करीब एक लाख लीटर से अधिक का शुद्ध पेयजल बर्बाद होकर नालियों और लो लैंड पर अनावश्यक ही बर्बाद होता है।

घरों से निकलने वाला यह पानी या तो गड्ढों में सड़ता है , अथवा नालों के माध्यम से निकाली हुई जगह से दूर जाकर नष्ट होता है। इस तरह से पंप अथवा अन्य माध्यम से भूगर्भ से जिस स्थान से पानी निकलता हैं। गांवों में इससे निपटने के लिए घर-घर शोकपीट का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन शहरों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं हैं।

वरुण शाही, शास्त्रीनगर ने कहा कि नगर प्रशासन को चाहिए कि उन स्थानों को चिह्नित कर वहां पर वाटर रिचार्जिंग की व्यवस्था बनाएं , जहां पर अधिकांश पानी लगता हैं। साथ ही इसका भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि वाटर रिचार्जिंग के जरिये भूगर्भ में जाने की परंपरा लंबी हो।

डा. शांतिशरण मिश्र, सुभाषनगर, महराजगंज ने कहा कि हम विभिन्न माध्यमों से लगातार भूगर्भ जल का दोहन कर रहे हैं। इस तरह से लगातार भूगर्भ जल का स्तर नीचे होता जा रहा है। वर्षा जल के संरक्षण और भूगर्भ जल के संवर्धन पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाला समय मानव जीवन के लिए विकट साबित होगा।

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