Main

Today's Paper

Today's Paper

रात के समय बना रहता है हादसे का अंदेशा
 

b
मथुरा। जनपद में नहर और रजवाहों पर बने पुलिस असुरक्षित हैं। यहां रात के समय  हादसों का अंदेशा बना रहता है। बरसात के मौसम रजवाह पानी से भरकर चलते हैं। इस दौरान किसी कार अथवा दो पहिया वाहन चालक रात के समय इनमें गिर जाए तो उसके बच निकलने की संभावना बेहद कम हो जाती है। सोमवार की मध्य रात्रि को हुए हादसे के लिए भी ग्रामीण प्रशासन और सिंचाई विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार मान रहे हैं। भारतपुर मथुरा मार्ग पर वर्ष 2017 में हुए हादसे में 10 लोगों की जान चली गई थी। स्थानीय नागरिकों ने इस घटना के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था। उनका कहना था कि लंबे समय से पुल के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की मांग की जाती रही है, लेकिन अधिकारियों ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया।
दुर्घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए सिंचाई विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का कहना है कि रजवाह (नहर) के दोनों तरफ दीवार या बचाव के लिए किसी तरह की बेरीकेडिंग नहीं है। यही कारण है कि आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं। इसी वजह स इस रहवाह का नाम आसपास के क्षेत्रों में खूनी रहवाह नाम हो गया है।
आपको बता दें कि इस घटना से पहले छह जनवरी 2021 को एक कार इसी नहर में गिर गई थी। जिससे कार में सवार युवक दीपक निवासी होडल, युवती पार्वती निवासी कोसीकलां की मौत हो गई थी। वह दोनों कार ऐजेंसी से कार्य करते थे। इस घटना के बाद भी जिला प्रशासन नहीं चेता और सुरक्षा के इंतजामात नहीं किए गए।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि बीती रात करीब साढे ग्यारह बजे तीन युवक जो कि हरियाणा पलवल के रहने वाले हैं। वह कार से राजस्थान से अपनी रिश्तेदारी स लौट रहे थे। गाड़ी कावर चौकी क्षेत्र में उनकी कार नहर में गिर गई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से गाड़ी में से बॉडी निकाली है। तीनों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई है। इस तरह के हादसे न हो इसक लिए सिंचाई विभाग की मदद लेते हुए घटनाओं की रोकथाम के प्रयास किए जाएंगे।

Share this story