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डीएवी रिहंद की पूर्व छात्रा प्रियंका शर्मा का बिहार पीसीएस में चयन होने से क्षेत्र में हर्ष

sonebhadra

बीजपुर/सोनभद्र। एनटीपीसी रिहंद के आवासीय परिसर में स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल की पूर्व छात्रा प्रियंका शर्मा ने बिहार पीसीएस में सफलता प्राप्त कर पूरे ऊर्जांचल को गौरवान्वित किया है। प्रियंका शर्मा की इस सफलता एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना के लिए कोविड --19 के नियमों का पालन करते हुए विद्यालय में हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एनटीपीसी रिहंद के मानव संसाधन विभाग के अपर महाप्रबंधक एस वी डी रवि कुमार ने प्रियंका शर्मा को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर मानव संसाधन विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक नीरज कुमार भी उपस्थित रहे। डीएवी के प्राचार्य  राजकुमार ने अपने शिक्षकों के साथ प्रियंका शर्मा को आशीर्वाद देते हुए श्बढ़े चलोश् की प्ररेणा दी। मूल रूप से आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के निवासी प्रियंका के पिता बी आर शर्मा डीएवी रिहंद में बतौर संस्कृत शिक्षक कार्यरत हैं प्रियंका ने एल के जी से बारहवीं तक की पढ़ाई डीएवी रिहंद में करने के पश्चात मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कालेज गोरखपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की और चार वर्षों तक टीसीएस में बतौर इंजीनियर काम किया। बकौल प्रियंका उसे समाज और राष्ट्र के लिए कुछ विशेष करने की इच्छा ने सिविल सर्विसेज की ओर खींच लाया और इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत करके सफलता प्राप्त किया। प्रियंका अपनी सफलता का श्रेय विशेष रूप से अपने माता-पिता,गुरुजनों एवं डीएवी विद्यालय को देती है,जहां उसकी मजबूत नींव तैयार हुई। प्रियंका कहती है कि खुद पर विश्वास, दृढ इच्छाशक्ति और अपने लक्ष्य के प्रति संपूर्ण समर्पण का भाव विद्यालय ने हीं उसे सिखाया। प्रियंका कहती है कि उसके पिता  बी आर शर्मा (संस्कृत शिक्षक डीएवी ), माता शीला शर्मा, और दोनों छोटी बहन सुप्रिया शर्मा एवं सुषमा शर्मा के सहयोग के बिना सफल होना असंभव था। प्रियंका डीएवी विद्यालय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहती है कि इस क्षेत्र की छात्र छात्राएं भाग्यशाली हैं जहां डीएवी जैसी शिक्षण संस्थान उपलब्ध है। इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना चाहिए। प्रियंका ने डीएवी जैसी शिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए एन टी पी सी प्रबंधन को भी हृदय से आभार व्यक्त किया। अंत में दुष्यंत की पंक्तियों के माध्यम से छात्रों में अलख जगाते हुए कहती है-कौन कहता है आकाश में सुराख नहीं हो सकता,एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार,डॉ आर के झा,विजय तिवारी, डॉ राजेश कुमार श्रीवास्तव,समता सिंह, आर एल शेषन, जय सिंह,अनन्त मोहन, ब्रजेश राजभर आदि शिक्षकध्शिक्षिकायें उपस्थित रहे।

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