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Today's Paper

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सरकार की गड्ढा मुक्त योजना हुई टाय टाय फिस्स 

सरकार की गड्ढा मुक्त योजना हुई टाय टाय फिस्स

सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से राहगीरों को हो रही परेशानी

काकोरी क्षेत्र की सड़कें हुई खस्ताहाल,अधिकारी सरकार की नीतियों को लगा रहे पलीता

अरुण पाण्डेय

 काकोरी लखनऊ,11 जून (तरुणमित्र) भारतीय जनता पार्टी की अटल सरकार  के शासन काल में सरकार द्वारा प्रत्येक गांव को जोड़ने वाली सड़कों का जाल फैलाया था। जिस योजना का नाम रखा था प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जिसमें गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए सड़के बनाई गई थी। यहां तक की राजधानी से जुड़े हुए सभी गांव को जाने वाले रास्तों को मुख्य मार्ग से जोड़ा गया था। उस समय की बनी हुई सड़कें समाजवादी पार्टी के शासनकाल में ठीक कराई गई उसके बाद सरकार की तरफ से गड्ढा मुक्त सड़क करने का ऐलान किया गया लेकिन यह गांव को जोड़ने वाली सड़कों की खस्ताहाल स्थिति किसी भी अधिकारी को नहीं दिखी जिसके कारण अब उन सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। 

अगर बात करे तो सबसे ज्यादा बुरी स्थिति हरदोई लखनऊ राजमार्ग की है। राजमार्ग सड़क का हाल बद से बदतर हो गया है। इस सड़क पर चलना लोगों के लिए मौत का सामना करने जैसा है। इस रास्ते पर बाजनगर से लेकर अंधे की चौकी तक काफी बड़े बड़े गड्ढे हो गये है। इस महीने हो रही बारिश में इन गड्ढों में बरसात का पानी भर जाता है। इन गड्डों में पानी भरा होने से लोगों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग तो इन गड्डों के कारण गिरकर घायल हो चुके है। राजमार्ग होने के कारण यातायात काफी ज्यादा रहता है रात के समय मे तो स्थिति और भयावह हो जाती है जिससे सड़क दुर्घटना की संभावना प्रबल हो जाती है। क्षेत्र की अन्य सड़के विशेष तौर से जेहटा से दुर्गागंज रेलवे लाइन को जोड़ने वाली सड़क बहुत ही दयनीय स्थिति में हो गई है। बनिया खेड़ा गांव के पास बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं जिसमें हर समय पानी भरा रहता है। लोगों को निकलना मुश्किल हो गया है। कटौली ग्राम प्रधान नवीन यादव ने इस सड़क को जल्दी बनाए जाने की मांग की है। इसी तरह काकोरी बहरू सड़क धीरे धीरे गड्ढों में तब्दील होती जा रही है।इस सड़क पर चलने वाले भलिया बहरू, दसदोई, गोहरामऊ, सेमरामऊ, करझन के अलावा अनेक गांव जोड़ते हैं। भलिया प्रधान प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह, ज्ञान सिंह ने इस सड़क को जल्दी से जल्दी दुरुस्त कराने की मांग की है। इसी तरह काकोरी कस्बा से चिलौली फार्म होते हुए मोहन मार्ग को जोड़ने वाली सड़क भी अपनी स्थिति पर आंसू बहा रही है। इस सड़क पर सुबह से शाम तक चलने वाले लोगों का तांता लगा रहता है लेकिन साइकिल व मोटरसाइकिल से चलने वाले राहगीर उछलते हुए चलते हैं क्योंकि यहां भी जगह जगह पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं इस सड़क को ठीक कराए जाने की मांग राजबाला रावत पूर्व प्रमुख,जितेंद कुमार,डॉक्टर मोहन लाल पासी पुर्व सदस्य जिला पंचायत ने की है। ऐतिहासिक धरती काकोरी कस्बा से सीधे काकोरी मोड़ को जाने वाली सड़क की हालत देखकर तो यह लगता है कि कहीं दूसरे इलाके में आ गए हैं क्योंकि यह सड़क बहुत ही पुरानी सड़क है इस पर जो कार्य पहले कराया गया था उसके बाद वैसे के वैसे पड़ी हुई है इस सड़क पर विशेष रुप से सरोसा, मौंदा, बड़ा गांव, मुबारक पुर, मोहन रोड के अलावा अनेक गांव के लोग इस पर चलते हैं इस मार्ग को रूप नारायण यादव पूर्व ब्लाक प्रमुख ने बनाए जाने की मांग की है। सरसंडा के पास झिंनगी नाला के ऊपर बनाए जाने वाला पुल थोड़ी सी बरसात के समय पानी से डूब जाता है और इस पर निकलना मुश्किल हो जाता है लोगों का यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है कई दशक पहले बनाए गए पुल की किसी ने सुध नहीं ली है। कई फीट नीचे गहराई में बना हुआ है। इस सड़क व पुल को मरम्मत एवं दोबारा बनाए जाने की मांग सिरगामऊ ग्रामवासियों ने की है। इस तरह क्षेत्र की तमाम ऐसी सड़के हैं जो शहर के किनारे होते हुए अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है।क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधियों वह ग्रामीणों ने इन सड़कों को बनाए जाने व मरम्मत कराए जाने की मांग की है।

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