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Today's Paper

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सभी फसलों का स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले एमएसपी घोषित हो
संयुक्त किसान मोर्चा ने की मांग

Tarunmitra



लखनऊ। संयुक्त किसान मोर्चा की मांग है कि सभी फसलों का स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुरूप लागत का डेढ गुना एमएसपी घोषित कर उस पर खरीद की गारंटी दी जाये। मोर्चे ने मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 के लिए खरीद की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य-एमएसपी की घोषणा को किसानों के साथ धोखा बताया है।

किसान सभा के प्रांतीय महामंत्री मुकुट सिंह ने सभी किसानों से अनुरोध किया कि वह सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में संगठित हो अपना विरोध दर्ज करवायें। उनके अनुसार सरकार द्वारा लागत का डेढ गुना देने का झूठा ढोल पीटा जा रहा है। सरकार द्वारा स्वामीनाथन आयोग के अनुसार लागत को तीन हिस्सों-ए2, ए2+एफएल और सी2 में बांटा था। ए2 लागत में किसानों के फसल उत्पादन में किए गए सभी तरह के नकदी खर्च जैसे बीज, खाद, केमिकल, मजदूर लागत, ईंधन लागत, सिंचाई को शामिल किया गया था। ए2+एफएल में नकदी लागत के साथ ही परिवार के सदस्यों की मेहनत की अनुमानित लागत को भी शामिल किया गया था। सी2 में फसल उत्पादन में आई नकदी और गैर नकदी के साथ ही जमीन पर लगने वाले लीज रेंट आदि को शामिल किया गया था। वर्तमान में सरकार जमीन का किराया नही जोडती है और लागत-खाद बीज, डीजल, कीटनाशक, बिजली आदि खर्च का दर 2 साल पहले के वित्तीय वर्ष का जोडा जाता है। परिणामस्वरूप सरकार जो एमएसपी तय करती है, उससे किसान का वास्तविक लागत खर्च भी नही निकलता है।

      
 

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