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Thursday, October 21, 2021 at 7:47 PM

एक वनवासी बालिका की मौत से जुड़ा ग्रामीणों का आरोप

आजमगढ़ ।  आफिस परिसर में हंगामे के मामले में एसपी ने बताया कि जब वह अपने वाहन से निकल रहे थे तो कुछ लोग पत्थर लेकर और उनके वाहन के सामने लेटकर रोकने का प्रयास कर रहे थे।उसके बाद वह एक युवक को पकड़कर अंदर ले गए, फिर समझाकर छोड़ दिया। कहा कि मामले को कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ में बिना आधार के हवा दे रहे हैं। एसपी ने बताया कि आज जब ग्रामीण उनके पास आए थे तो उन्होंने मुकदमा दर्ज करने का निर्देश भी दिया था। फिर भी जनसुनवाई के बाद बाहर निकलते समय उनके वाहन को रोक लिया गया और कुछ लोगों ने पत्थर उठा लिए थे।

रौनापार थाना क्षेत्र के एक गांव में बालिका के साथ हुए कथित दुष्कर्म के बाद मौत के मामले में रौनापार पुलिस ने बुधवार को पीड़िता की मां की तहरीर पर गांव के ही एक युवक पर अपहरण, हत्या, पाक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आठ अक्टूबर को सुबह 10 वर्षीय बालिका बेहोशी की हालत में गांव से कुछ ही दूरी पर स्थित चकरोड पर पड़ी हुई थी। सुबह टहलने निकले लोगों को अर्धनग्न बालिका दिखाई दी। बेहोशी की हालत में ही घर के लोग उसे लेकर सदर अस्पताल ले गए।वहां से रेफर किया गया, तो जीयनपुर स्थित एक प्राइवेट चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।थानाध्यक्ष अखिलेश चंद्र पांडेय ने उसे महिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से मेडिकल कालेज चक्रपानपुर भेज दिया गया, जहां शनिवार की रात 12 बजे उसकी मौत हो गई। 10 अक्टूबर को बालिका का छोटी सरयू नदी के किनारे बनकटा में पुलिस संरक्षण में अंतिम संस्कार कर दिया गया।12 अक्टूबर को बालिका की मां ने पुलिस अधीक्षक को पत्रक देकर गांव के ही एक युवक पर छेड़खानी, अपहरण और दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की की गुहार लगाई थी। बुधवार को रौनापार थाने में गांव के ही युवक के खिलाफ हत्या, अपहरण, छेड़खानी और पाक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।