Saturday, November 27, 2021 at 2:11 AM

मवेशियों की गणना कराई तो वहां पर 45 मवेशी ही मिले

उन्नाव । मौके पर मिले सचिव ने गोशाला में 49 मवेशी संरक्षित कर भरण पोषण करने की जानकारी दी। इसपर डीएम ने मवेशियों की गणना कराई तो वहां पर 45 मवेशी ही मिले। इससे नाराज हो उन्होंने बीडीओ को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दि,। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि यदि अधिक मवेशियों के भरण पोषण दिखा कर धन आहरित करना पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। गोशाला से संबंधित रजिस्टर के संबंध में सचिव से जानकारी की गई लेकिन सचिव रजिस्टर नहीं दिखा सके।

ग्राम प्रधान व केयर टेकर को भूसा लेने के लिए जाना बताया गया। वहीं भूसा रखने से संबंध में स्थल के संबंध में जानकारी करने पर उपस्थित सचिव ने भूसा गोशाला के निकट स्थित प्राथमिक विद्यालय के एक कक्ष में रखा होना बताया। यह सुनते ही डीएम ने जमकर फटकार लगाई और कहाकि यह स्थिति नितांत आपत्तिजनक है। मौके पर मौजूद बीडीओ सफीपुर को निर्देश दिया कि वह भूसे के स्टोर के लिए गोशाला में ही कक्ष का निर्माण कराए। गोशाला परिसर में बना एएनएम सेंटर काफी अत्यंत क्षतिग्रस्त पाया गया। इसपर डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी, को निर्देश दिया कि वह स्वयं उक्त सेंटर का निरीक्षण करके आवश्यक कार्रवाई करें। उधर एसडीएम सदर ने बिछिया ब्लाक के गांव जगेथा की गोशाला में मवेशियों के चारे पानी की व्यवस्था के साथ ठंड से बचाव को लेकर तिरपाल लगा पाया मिला। एसडीएम ने वीडीओ शशिकांत अवस्थी ने गोशाला में बिजली लगवाने की मांग की गई।

ब्लाक की ग्राम पंचायत पासाखेड़ा की पूर्व प्रधान निर्मला शुक्ला ने वर्तमान ग्राम प्रधान पर गौशाला का भुगतान कर स्वयं रख लेने का आरोप लगाकर डीएम से शिकायत में बताया कि 30 मई 2021 तक गौशाला का मेरे द्वारा किया गया। जब भुगतान हुआ तो ग्राम प्रधान व ब्लाक प्रशासन से बकाया धन के भुगतान की मांग किया लेकिन ग्राम प्रधान ने अधिकारियों की मिली भगत से 80 हजार व 40 हजार के दो भुगतान अपने नाम कर लिये। जबकि, मेरा 1 लाख 15 हजार भुगतान शेष पड़ा हुआ है। जिससे वह परेशान है। पूर्व महिला प्रधान ने कार्रवाई की गुहार लगाई है।